ऐक्सिस बैंक मामले को देखते हुए सीईओ की नियुक्ति के नियम होंगे सख्त

श्रीमी चौधरी | मुंबई Apr 11, 2018 09:38 PM IST

सेबी बना रहा योजना

बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टिट्यूशंस मसलन एक्सचेंजों, क्लियरिंग कॉरपोरेशन और डिपॉजिटरीज में आला अधिकारियों की नियुक्ति को प्रशासित करने वाले नियमों को सख्त बनाने की योजना बना रहा है। सूत्रोंं के मुताबिक, मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टिट्यूशंस को कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारियों की नए सिरे से नियुक्ति करनी होगी। अभी प्रबंध निदेशक व सीईओ का कार्यकाल बोर्ड बढ़ा देते हैं और औपचारिक नियुक्ति प्रक्रिया के बिना सेबी के पास इसे मंजूरी के लिए भेज देते हैं।

यह कदम ऐसे समय मेंं देखने को मिल रहा है जब कहा जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने शिखा शर्मा को प्रबंध निदेशक व सीईओ के तौर पर चौथा कार्यकाल देने के ऐक्सिस बैंक के फैसले पर एतराज जताया है। एक सूत्र ने कहा, अगर मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टिट्यूशंस मौजूदा आला अधिकारी को दोबारा नियुक्त करने का फैसला लेता है तो नामांकन व पारिश्रमिक समिति (एनआरसी) को इस कदम का उचित कारण बताना होगा। दोबारा नियुक्ति की बात करने से पहले समिति को कार्यकाल के दौरान उनके प्रदर्शन पर नजर डालनी होगी।

सूत्रों ने कहा कि प्रबंध निदेशक व सीईओ की दोबारा नियुक्ति पर सेबी की समिति की पिछली बैठक में चर्चा हुई थी, जिसका गठन एमआईआई से जुड़े नियमों की समीक्षा के लिए हुआ है। समिति की अगुआई भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर आर गांधी करेंगे। एक सूत्र ने कहा, सेबी सुनिश्चित करना चाहता है कि महत्वपूर्ण संस्थानों के सीईओ लंबे कार्यकाल के जरिए अपने पद का दुरुपयोग न कर पाएं। इस मसले पर सेबी अपनी मजबूत राय तब सामने रखेगा जब गांधी समिति सिफारिशें सौंपेगी। अगर एमडी व सीईओ की दोबारा नियुक्ति के नियम सख्त बनाए जाते हैं तो नैशनल स्टॉक एक्सचेंज व बीएसई को अपने प्रमुखों के विस्तारित कार्यकाल पर जवाब देना होगा।

बीएसई के एमडी व सीईओ आशिष चौहान का कार्यकाल नवंबर 2022 में समाप्त होगा। चौहान का पहला पांच साल वाला कार्यकाल 2012 में शुरू हुआ था, जिसे साल 2017 में पांच साल का विस्तार दिया गया। एनएसई के एमडी व सीईओ विक्रम लिमये को पिछले साल पांच के लिए नियुक्त किया गया जब चित्रा रामकृष्णा ने अप्रत्याशित तौर पर पद छोड़ दिया। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज व नैशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरीज के प्रमुखों के कार्यकाल का जल्द नवीनीकरण होना है।

एनएसडीएल के एमडी व सीईओ नागेश्वर राव का कार्यकाल जुलाई में खत्म होगा। वह जुलाई 2013 में डिपॉजिटरीज से जुड़े थे। इस बीच, सीडीएसएल के एमडी व सीईओ पी एस रेड्डी का कार्यकाल इस महीने खत्म हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सीडीएसएल बोर्ड ने रेड्डी को पांच साल का विस्तार दिया, जिसे सेबी ने खारिज कर दिया। साल 2012 में सीडीएसएल पहुंचे रेड्डी का पांच साल का कार्यकाल मिला था, जिसका विस्तार साल 2017 में एक साल के लिए किया गया था।

कीवर्ड RBI, shikha sharma, CEO, sebi, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी),

  
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