डिजिटल उत्पादों से मिलेगा जीडीपी का 60 फीसदी

किरण राठी | नई दिल्ली Apr 11, 2018 09:38 PM IST

भारत में डिजिटलीकरण तेज गति से हो रहा है, ऐसे में कृत्रिम बौद्धिकता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, क्लाउड जैसी तकनीकों के इस्तेमाल से सृजित डिजिटल उत्पाद और सेवाओं का योगदान साल 2021 तक जीडीपी का 60 फीसदी हासिल किया जा सकेगा। माइक्रोसॉफ्ट के अध्ययन में कहा गया है, डिजिटलीकरण भारत के जीडीपी में साल 2021 तक अनुमानित तौर पर 154 अरब डॉलर का योगदान करेगा। साल 2017 में भारत के जीडीपी का 4 फीसदी हिस्सा डिजिटल उत्पादों व सेवाओं से मिला, जो प्रत्यक्ष तौर पर डिजिटल तकनीकों मसलन मोबिलिटी, क्लाउड, इंटरनेट ऑफ थिंग्स व कृत्रिम बौद्धिकता आदि के इस्तेमाल से सृजित हुई।
 
माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के अध्यक्ष अनंत माहेश्वरी ने कहा, भारत स्पष्ट तौर पर डिजिटल के क्षेत्र में तेजी से कायापलट कर रहा है। अगले चार सालों में अनुमानित तौर पर जीडीपी के 60 फीसदी हिस्से का मजबूत जुड़ाव डिजिटल क्षेत्र में हो रहे कायापलट से होगा। उन्होंने कहा, विभिन्न संगठन लगातार उभरती हुई तकनीक मसलन कृत्रिम बौद्धिकता से लैस हो रहे हैं और ये चीजें डिजिटल क्षेत्र में सुधार के जरिए हो रही प्रगति को और मजबूत बनाएगा। माहेश्वरी ने कहा, आने वाले समय में कृत्रिम बौद्धिकता की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा व कृषि जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
 
माहेश्वरी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, हर किसी को अहसास हो गया है कि तकनीकें आसानी से कुछ बुनियादी समस्याओं का समाधान कर सकती है और अगर इसका सही इस्तेमाल किया जाए तो यह भारत की काफी क्षमता सामने रख सकती है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी है, यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सही ढांचा हो, जो तकनीक के उचित इस्तेमाल की अनुमति देता हो। माइक्रोसॉफ्ट ने जहां कृत्रिम बौद्धिकता का इस्तेमाल किया है उसका उदाहरण देते हुए माहेश्वरी ने कहा कि हमने तकनीक का इस्तेमाल आंध्र प्रदेश के स्कूलों में किया जहां सरकार मूल रूप से कक्षा-10 में छात्रों के ड्रॉप आउट की समस्या से जूझ रही थी और इसका समाधान चाहती थी।
 
इसका आगे भी प्रयोग हुआ। मोटे तौर पर करीब 25 फीसदी छात्र 10वीं कक्षा में स्कूल जाना छोड़ देते हैं। अगर आप कृत्रिम बौद्धिकता का इस्तेमाल इसका अनुमान लगाने व पहचान करने में कर पाएं कि आखिर छात्र स्कूल जाना क्यों छोडऩा चाहते हैं तो आप छात्र या उनके परिवार से संपर्क कर उन्हें स्कूल भेजने का अनुरोध कर सकते हैं। कृत्रिम बौद्धिकता के महत्व को देखते हुए सरकार पहले ही कृत्रिम बौद्धिकता पर समिति का गठन कर चुकी है, जो उभरती तकनीक के लिए तकनीकी ढांचे या प्लेटफॉर्म का सुझाव देगी।
कीवर्ड digital, GDP,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक