डालमिया भारत के पत्रों से बिनानी के ऋणदाता नाराज

अभिषेक रक्षित | कोलकाता Apr 12, 2018 09:43 PM IST

बिनानी सीमेंट के अधिग्रहण की दौड़ में शामिल कंपनियों के संबंध में जांच को कहे जाने के लिए डालमिया भारत सीमेंट द्वारा केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को भेजे गए पत्रों को लेकर कई ऋणदाताओं ने नाराजगी जताई है।  बिनानी सीमेंट में निवेश से जुड़े कुछ लेनदार डालमिया भारत सीमेंट के इस कदम को अनावश्यक मान रहे हैं। इन ऋणदाताओं का कहना है कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और न्यायालय द्वारा लिया जाने वाला निर्णय अंतिम होगा और बिनानी सीमेंट की अधिग्रहण प्रक्रिया के विवाद से जुड़े सभी हितधारकों के लिए बाध्य होगा।

 
बिनानी सीमेंट के प्रमुख ऋणदाताओं में से एक ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, 'ऋणदाताओं ने बिनानी सीमेंट के प्रवर्तकों के साथ अदालत से बाहर निपटान के लिए स्वयं कोई विकल्प नहीं चुना। यह एनसीएलटी के कोलकाता पीठ द्वारा ऋणदाताओं को अदालत से बाहर निपटान के लिए निर्देश दिए जाने के बाद ही संभव था। हमने सिर्फ एनसीएलटी के सुझावों के आधार पर ही काम किया।' ऋणदाता ने कहा, 'हालांकि, डालमिया भारत सीमेंट ने सीवीसी, आरबीआई और अन्य को पत्र लिखा है जो अनावश्यक है, क्योंकि यह मामला अभी सर्वोच्च न्यायालय में है और ऋणदाता उस स्थिति में पुनर्विचार कर सकते हैं जब इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय के अलावा अन्य किसी प्राधिकरण में ले जाया जाता है।'
 
5 अप्रैल को डालमिया भारत सीमेंट की सहायक कंपनी राजपूताना प्रॉपर्टीज (जिसने बिनानी सीमेंट की बोली जीती) ने आईबीसी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए लिखा था, 'यदि आईबीसी प्रक्रिया की पवित्रता का उल्लंघन होता है तो आईबीसी में जनता का भरोसा खत्म हो जाएगा।' राजपूताना प्रॉपर्टीज ने मामले की समीक्षा करने और ऐसे दिशा-निर्देश/चेतावनी जारी करने का अनुरोध किया है जो जनहित में हो। हालांकि एनसीएलटी के सुझावों (एनसीएलएटी द्वारा समर्थित) के बाद ऋणदाताओं ने बिनानी इंडस्ट्रीज के 76 अरब रुपये के संशोधित ऑफर पर चर्चा के लिए 7 अप्रैल को बैठक की थी। बिनानी इंडस्ट्रीज वित्तीय रूप से अल्ट्राटेक सीमेंट द्वारा समर्थित है। 
 
इस बैठक में ज्यादातर ऋणदाताओं ने बिनानी इंडस्ट्रीज के संशोधित ऑफर का समर्थन किया था, लेकिन सबसे पहले अदालत से बाहर निपटान प्रक्रिया के लिए सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी लेने को कहा था। आरबीआई को भेजे पत्र में डालमिया भारत सीमेंट ने कहा है, 'बैंकिंग सेक्टर में कई धोखाधडिय़ों के संदर्भ में,, बिनानी इंडस्ट्रीज के साथ कोई भी समझौता अपमानजनक, अवैध, कानून के खिलाफ होगा और बैंक को एक अन्य बैंक धोखाधड़ी के लिए सह-षडयंत्रकारी बना देगा और साथ ही यह ऋणदाताओं के लिए साख खराब होने का मामला हो सकता है। ऋणदाताओं को अदालत से बाहर निपटारा करने के बजाय ऐसे अपराधियों को दंडित कराने पर ध्यान देना चाहिए।' 
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