नाबार्ड बॉन्ड से जुटाएगा 400 अरब रुपये

अभिजित लेले | मुंबई Apr 12, 2018 09:47 PM IST

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण बैंक (नाबार्ड) मौजूदा वित्त वर्ष (2018-19) में बॉन्ड के जरिये बाजार से 400 अरब रुपये जुटाने की योजना बना रहा है। बीते वर्षों में ग्रामीण बुनियादी ढांचा और कृषि क्षेत्र के लिए ऋण देने वाली इस नोडल एजेंसी ने एक ओर जहां अपनी बाजार उधारी बढ़ाई है वहीं ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास कोषों की हिस्सेदारी घटी है। नाबार्ड के अध्यक्ष हर्ष भनवाला ने कहा कि इस वित्तीय संस्थान ने 2017-18 में बॉन्ड के जरिये 330 अरब रुपये जुटाए जबकि 2016-17 में इसने 250 अरब रुपये जुटाया था। 2018-19 में इसकी बाजार उधारी 2017-18 से 70-80 अरब रुपये अधिक होगी।   
 
घटते ब्याज दर से फंड (बाजार से जुटाई गई रकम के लिए) की भारित औसत लागत 2016-17 में 7.35 प्रतिशत से कम होकर 2017-18 में 7.07 प्रतिशत कम हो गई। हालांकि बाजार में बॉन्ड पर बढ़ते प्रतिफल की वजह से 2018-19 में उधारी की लागत बढ़ सकती है। मार्च 2018 के अंत में बकाया बॉन्ड और उधारी राशि बढ़कर 1.18 लाख करोड़ रुपये हो गई जो कि मार्च 2017 के अंत में 854.65 अरब रुपये थी। विदेशी विनिमय जोखिम की लागत स्थिर होने से बैंक विदेशी बाजारों से उधारी जुटाने पर विचार करेगा।  भनवाला ने कहा, नाबार्ड मसाला बॉन्ड के दोहन की व्यवहारिकता पर विचार करेगा जिसके लिए उसे भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी चाहिए होगी। बहरहाल, 2017-18 में बैंक का वितरित ऋण और अग्रिम 15 प्रतिशत बढ़कर 3.54 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें से दीर्घावधि ऋण 17 प्रतिशत बढ़कर 1.22 लाख करोड़ रुपये हो गया। 
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