कच्चे तेल के दाम में तेज बढ़ोतरी का अगले हफ्ते दिखेगा असर

ज्योति मुकुल | नई दिल्ली Apr 12, 2018 09:49 PM IST

देश में पेट्रोलियम क्षेत्र की सबसे बड़ी खुदरा कंपनी इंडियन ऑयल ने आज कहा कि पिछले कुछ दिनों में कच्चे तेल के दाम में 5 डॉलर प्रति बैरल की तेज बढ़ोतरी का असर डीजल और पेट्रोल की खुदरा कीमतोंं पर कुछ समय बाद पड़ेगा। दोनों कंपनियों और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुदरा कीमतों को स्थिर रखने के सरकार के निर्देश से इनकार किया है। वहीं इंडियन ऑयल के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा, 'हम 15 दिन की औसत कीमत लेकर फैसला करते हैं। ऐसे में कीमतों में तेजी का तत्काल असर नजर नहीं आता।' अगर कीमतों में तेजी जारी रहती है तो पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतोंं पर असर अगले सप्ताह ही दिखने की संभावना है।

सिंह ने कहा कि जब कीमतों में बदलाव बहुत ज्यादा होता है तो भंडारण का लाभ मिलता है और घाटा बड़ी भूमिका निभाता है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मंच में अलग से संवाददाताओंं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, 'तेल कंपनियोंं का मुनाफा क्रैक्स (कच्चे तेल और उत्पाद के दाम मेंं अंतर) से आता है। सिर्फ कच्चे तेल की कीमतें निर्धारण नहींं करती हैं।'  9 अप्रैल 2018 के 62 डॉलर प्रति बैरल से कच्चे तेल के दाम 11 अप्रैल 2018 तक बढ़कर 67.45 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है। तीन कारोबारी सत्रों में ही डब्ल्यूटीआई तेल की कीमतों में करीब 8.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

ऐंजल कमोडिटी ब्रोकिंग में गैर कृषि जिंसों और मुद्राओं के मुख्य विश्लेषक प्रथमेश माल्या ने कहा, 'तेल की कीमतों पर भू राजनीतिक तनाव का असर पड़ा है। अमेरिका और सीरिया के बीच तनाव चल रहा है और अमेरिका ने सीरिया द्वारा नागरिकों पर रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल करने की स्थिति में मिसाइल हमले की धमकी दी है।' माल्या ने कहा कि सभी अनिश्चितताओं का असर तेल की कीमतों पर पड़ रहा है और अमेरिका की ओर से तेल की आपूर्ति के कारण इसकी कीमतों पर नियंत्रण बना हुआ है। उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि कम अवधि के लिए तेल की कीमतें 62 डॉलर प्रति बैरल पर आएंगी।' सिंह ने कहा कि बहुत कम दाम उद्योग के दीर्घावधि हित में नहीं होते क्योंकि अगर दाम बहुत कम हों तो कंपनियों के निवेश की लागत नहीं निकलती। 
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