एसजीएक्स मामले पर नैशनल स्टॉक एक्सचेंज नहीं लेगा कानूनी सहारा

पवन बुरुगुला | मुंबई Apr 13, 2018 09:50 PM IST

लाइसेंसिंग व डेटा फीड सहायता के बिना एनएसई के सूचकांकों व डेरिवेटिव में ट्रेडिंग शुरू करने के सिंगापुर एक्सचेंज के कदम पर पलटवार करने की खातिर नैशनल स्टॉक एक्सचेंज शायद कानूनी सहारा नहीं लेगा। सूत्रों ने कहा कि एक्सचेंज ने कानूनी कदम को आखिरी जरिये के तौर पर रखा है और इसका इरादा बातचीत के जरिए एसजीएक्स के साथ गतिरोध दूर करने का है। एनएसई की इच्छा गिफ्ट सिटी में अपनी सहायक व एसजीएक्स के बीच अंतर-एक्सचेंज जुड़ाव में तेजी लाने की है।
 
इस हफ्ते एसजीएक्स ने कहा कि वह एनएसई के लाइसेंस वाले सभी अनुबंध को गैर-सूचीबद्ध करेगा और भारत से जुड़ाव रखने वाले नए अनुबंध शुरू करेगा जिनमें एसजीएक्स इंडिया फ्यूचर, एसजीएक्स इंडिया ऑप्शंस और एसजीएक्स इंडिया बैंक शामिल है। कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि एसजीएक्स का कदम किसी नियम का उल्लंघन नहीं कर रहा है क्योंकि ये उत्पाद किसी बेंचमार्क इंडेक्स को ट्रैक नहीं करते, जो देसी एक्सचेंजों की बौद्धिक संपदा है। इसके अलावा ये अनुबंध एनएसई पर कीमत के मूल चाल को ट्रैक नहीं करेंगे क्योंकि इन अनुबंधों की निपटान कीमत एनएसई पर होने वाली फ्यूचर ट्रेडिंग की अंतिम निपटान कीमत की औसत होगी।
 
फिनसेक लॉ एडवाइजर्स के संस्थापक संदीप पारिख ने कहा, कानूनी कदम मुश्किल नजर आ रहा है क्योंकि निपटान के आंकड़े एक्सचेंज की वेबसाइट पर उपलब्ध होते हैं। हालांकि, एसजीएक्स इंडिया अनुबंध चूंकि रियल टाइम के आधार पर कीमत की चाल को ट्रैक नहीं करेंगे, लिहाजा ये अनुबंध एसजीएक्स निफ्टी की तरह शायद लोकप्रिय नहीं हो पाएंगे। एनएसई के प्रवक्ता ने कहा, हम मामले की जांच कर रहे हैं और एसजीएक्स के साथ इसे समझने के लिए बातचीत कर रहे हैं। भविष्य का कदम स्थिति के आकलन पर निर्भर करेगा, जब हम स्थिति को पूरी तरह समझ लेंगे और अभी इसके बारे में कहना जल्दबाजी होगी कि आगे क्या हो सकता है। हम अन्य एक्सचेंजों व नियामक से भी बात करेंगे जब स्थिति को अच्छी तरीके से समझ जाएंगे। हम एसजीएक्स व नियामक से बात कर रहे हैं ताकि एसजीएक्स की लिक्विडिटी गिफ्ट सिटी की तरफ ले जाने का वैकल्पिक ढांचा तैयार कर सकें।
 
सूत्रों ने कहा कि गिफ्ट से कनेक्टिविटी की कोशिश को परिचालन के अवरोध का सामना करना पड़ रहा है। एक सूत्र ने कहा, इस पर आमराय नहीं है कि गिफ्ट के ट्रेड का निपटान कहां होगा और उस पर कर का क्या होगा। इसके अलावा कर विभाग धन प्रेषण से जुड़ी कुछ शर्तों पर सहमत नहीं हुआ है। इसके अलावा अमेरिका के कई हेज फंड की भागीदारी की पात्रता को लेकर कुछ मसले हैं क्योंंकि गिफ्ट सिटी में परिचालन कर रहे एक्सचेंज के पास अमेरिकी नियामक कमोडिटी फ्यूचर ट्रेडिंग कमीशन की अनुमति नहीं है, जो एसजीएक्स पहले ही सिंगापुर में ट्रेड के लिए हासिल कर चुका है।
 
डेलॉयट इंडिया के पार्टनर राजेश गांधी ने कहा, अगर एसजीएक्स अपनी योजना के मुताबिक आगे बढ़ता है तो एसजीएक्स में दोबारा कारोबार देखने को मिल सकता है, जो गिफ्ट व स्थानीय एक्सचेंजों के कारोबार की कीमत पर हो सकता है। हालांकि इसकी कामयाबी देखना बाकी है क्योंकि ये अनुबंध रियल टाइम आधार पर कीमत के ट्रैक नहीं करेंगे।
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