ब्याज वाले ऋण की जिम्मेदारी खरीदार की

अरिंदम मजूमदार | नई दिल्ली Apr 13, 2018 09:51 PM IST

सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के संभावित खरीदार की करीब 165 अरब रुपये के ब्याज वाले ऋण की भी देनदारी होगी। इस ऋण का एक बड़ा हिस्से का संबंध विमान जैसी परिसंपत्तियों को खरीदने के लिए ली गई उधारी से है। ब्याज वाला ऋण उधारी का वह हिस्सा होता है जिस पर बैंक ब्याज वसूलता है।  सरकार द्वारा साझा किए गए प्रारंभिक सूचना ज्ञापन के अनुसार, कंपनी के बहीखाते पर 333.92 अरब रुपये का ऋण बरकरार रहेगा जबकि शेष को एक अलग होल्डिंग कंपनी में खपाया जाएगा। इसमें वर्तमान देनदारियां शामिल हैं जो कारोबार के सामान्य कामकाज के दौरान पैदा हुई हैं। 
 
इस लेनदेन प्रक्रिया के करीबी लोगों के अनुसार, 333.92 अरब रुपये के ऋण में वर्तमान देनदारियों का योगदान 88.16 अरब रुपये है। दरअसल, ये एक साल तक की छोटी अवधि के लिए लेनदारों और आपूर्तिकर्ताओं के बिल हैं। एक सूत्र ने कहा, 'किसी भी विलय एवं अधिग्रहण प्रक्रिया में वर्तमान देनदारियों की जिम्मेदारी खरीदार को दे दी जाती है।' शेष 245 अरब रुपये के ऋण में विमानों के फाइनैंस लीज का योगदान करीब 80 अरब रुपये है। फाइनैंस लीजिंग विमानों के वित्त पोषण का एक आकर्षक तरीका है जिसके तहत पट्टïेदार को स्वामित्व के लगभग सभी अधिकार प्राप्त होते हैं। फाइनैंस लीज के तहत लिए गए विमानों को परिचालन लीज पर लिए जाने वाले विमानों के विपरीत कंपनी की परिसंपत्ति मानी जाती है जो कंपनी के नकदी प्रवाह को प्रभावित करता है।
 
सूत्रों ने कहा, 'देनदारी से बाहर निकलने के लिए फाइनैंस लीज को खत्म किया जा सकता है और इस प्रकार खरीदार को जिस ऋण के लिए ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा वह घटकर करीब 165 अरब रुपये रह जाएगा। यह एयर इंडिया जैसी विमानन कंपनी के आकार और क्षमता को देखते हुए वाजिब ही है।' उन्होंने कहा कि लुफ्थांसा, एतिहाद और ब्रिटिश एयरवेज जैसी तमाम प्रमुख वैश्विक विमानन कंपनियों ने एयर इंडिया के अधिग्रहण में दिलचस्पी दिखाई है। इसके अलावा वारबर्ग पिंकस (अमेरिका), जीआईसी (सिंगापुर) और टेमासेक (सिंगापुर) जैसे निजी इक्विटी फंड ने भी पूछताछ की है। साथ ही ऋण के एक बड़े हिस्से का संबंध विमानों से है और इसका मतलब साफ है कि उसे विमान के मूल्य का समर्थन प्राप्त है।
 
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के एक शोध के अनुसार, 50 फीसदी से अधिक ऋण को विमानों के मूल्य का समर्थन प्राप्त होगा। एयर इंडिया के पास खुद के 32 विमान हैं और 37 विमान फाइनैंस लीज पर लिए गए हैं। जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस के पास फाइनैंस लीज पर 17 विमान हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान संबंधी ऋण का आकार क्रमश: 160 अरब रुपये और 11 अरब रुपये है।
 
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