मजबूत रणनीति पर जोर देंगे चंद्रशेखरन

शैली सेठ मोहिले और विवेट सुजन पिंटो | मुंबई Apr 18, 2018 09:44 PM IST

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन लगभग 14 महीने से देश के सबसे पुराने और सबसे बड़े कॉरपोरेट घरानों में से एक की कमान संभाल रहे हैं। उन्होंने समूह कंपनियों के मुख्य कार्याधिकारियों को यह संदेश दिया है कि वे यह स्पष्टï करें कि सरलीकरण, तालमेल और आकार विस्तार (3 एस) की अवधारणा को समूह के अंदर कैसे अमल में लाया जा सकता है। इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पिछले सप्ताह अमृतसर में ताज स्वर्ण में टाटा समह के सालाना लीडरशिप समिट में व्यवसायियों के प्रमुखों को संबोधित करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा था कि अगले दो वर्ष इस 3एस अवधारणा को मजबूती प्रदान करने के लिए समर्पित होंगे। 
 
टाटा समूह की विभिन्न कंपनियों के लगभग 230 वरिष्ठï अधिकारियों की उपस्थिति वाले इस सम्मेलन का मकसद कंपनियों की क्षमता में दुरुस्त बनाना और इस पर विचार करना था कि प्रक्रियाओं को सरल बनाने और परिचालन का दायरा व्यापक बनाने के साथ साथ एक उपयुक्त एवं सहयोगपूर्ण दृष्टिïकोण किस तरह से अपनाया जा सकता है।  टाटा समूह की लगभग 110 कंपनियां हैं और चंद्रशेखरन ने इस संख्या को घटाकर महज 5 या 6 करने की योजना बनाई है।  टाटा संस के एक अधिकारी ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि कंपनी आंतरिक मामलों या घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया नहीं देती है। 
 
अधिकारी ने कहा कि दिन भर चलने वाली यह बैठक चंद्रशेखरन के संबोधन के साथ शुरू हुई जिसमें उन्होंने टाटा समूह की कुछ प्रमुख कंपनियों के सालाना प्रदर्शन का भी जिक्र किया। इसके बाद कंपनियों के प्रमुखों द्वारा एक संयुक्त प्रस्तुति दी गई जिसमें उनके द्वारा अपने व्यवसाय में 3एस अवधारणा के इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी गई।  टाटा केमिकल्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी आर मुकुंदन ने इस पर प्रकाश डाला कि किस तरह से उनकी कंपनी ने अपने कंज्यूमर संबंधित व्यवसायों को दुरुस्त बनाया, गैर-प्रमुख व्यवसायों से बाहर अुई और उन श्रेणियों पर खास ध्यान केंद्रित किया जो वृद्घि की रफ्तार मजबूत बनाने में योगदान दे सकती हैं।
 
टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी गुएंतर बट्सचेक और टाटा स्टील के वैश्विक मुख्य कार्याधिकारी एवं प्रबंध निदेशक टी रविचंद्रन ने आपसी तालमेल पर प्रजेटेंशन साझा किया और इस पर प्रकाश डाला कि किस तरह से दो कंपनियां एक-दूसरे के साथ सहयोग करती रही हैं।  टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी राजेश गोपीनाथन ने इस बारे में अपने विचार साझा किए कि कंपनी किस तरह से ऐसे समय में परिचालन का दायरा बढ़ा रही है जब आईटी उद्योग को विभिन्न चुनौतियों से जूझना पड़ा है।  टाटा ग्लोबल बेवरिजेज (टीजीबीएल) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी अजय मिश्रा ने अपनी कंपनी द्वारा वैश्विक होने के प्रयास में ब्रांडों पर जोर दिए जाने की कोशिश के बारे में विस्तार से बताया। मौजूदा समय में टेटली और एट ओ क्लॉक कॉफी के अलावा टाटा टी और हिमालयन ब्रांड उसकी पावर ब्रांड लिस्ट में शामिल हैं। कंपनी ने इस सूची का विस्तार करने और इसमें टाटा ग्लूको प्लस और टाटा वाटर प्लस समेत कई ब्रांड जोडऩे की योजना बनाई है। 
कीवर्ड tata sons, n chandrashekharan,

  
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