भूषण पावर से बढ़ीं अल्ट्राटेक की उम्मीदें

अभिषेक रक्षित | कोलकाता Apr 23, 2018 09:49 PM IST

भूषण पावरर ऐंड स्टील मामले में नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) दिल्ली के हालिया फैसले ने अल्ट्राटेक सीमेंट के लिए मामले को दमदार बना दिया है। हालांकि इससे पहले दिवालिया कंपनी बिनानी सीमेंट के अधिग्रहण की दौड़ में अल्ट्राटेक सीमेंट पिछड़ रही थी और मामला डालमिया भारत सीमेंट के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम के पक्ष में जाता दिख रहा था। एनसीएलटी दिल्ली में मामले की सुनवाई के दौरान मौजूद अल्ट्राटेक सीमेंट के वकील ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि यह फैसला एनसीएलटी द्वारा निर्धारित प्राथमिकता के अनुरूप है। बिनानी सीमेंट के लेनदारों की समिति को अल्ट्राटेक सीमेंट के संशोधित प्रस्ताव पर गौर करने के लिए एनसीएलटी के कोलकाता पीठ में अपील दायर करने के लिए कहा गया है जो लेनदारों की समिति द्वारा अनुमोदित बोली से 11 अरब रुपये अधिक है।

 
एलसीएलटी के दिल्ली पीठ ने आज भूषण पावर ऐंड स्टील के अधिग्रहण के लिए लिबर्टी हाउस की बोली को मंजूरी दे दी जबकि लिबर्टी हाउस ने बोली प्रक्रिया खत्म होने और लेनदारों की समिति द्वारा टाटा स्टील को एच1 बोलीदाता घोषित किए जाने के बाद अपनी बोली जमा कराई थी। एनसीएलटी के कोलकाता पीठ में अल्ट्राटेक सीमेंट का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील सिद्धार्थ मित्रा ने इस समाचार पत्र से कहा, 'इससे निश्चित तौर पर अल्ट्राटेक सीमेंट मामले को बल मिलेगा। लिबर्टी हाउस की बोली निर्धारित समय-सीमा के बाद जमा कराई गई थी और उसके बावजूद उसे नजरअंदाज नहीं किया गया। दूसरी ओर अल्ट्राटेक सीमेंट की बोली निर्धारित समय-सीमा के भीतर जमा कराई गई थी जिसमें महज संशोधन किया गया है।'
 
मित्रा ने आज ट्रिब्यूनल से कहा कि बिनानी सीमेंट के लेनदारों की समिति के पास आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी के संशोधित पेशकश पर विचार करने के लिए एक महीने से अधिक का समय है। उन्होंने कहा कि डालमिया भारत सीमेंट को तरजीही बोली के तौर पर चुनने के लिए कोई जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं थी क्योंकि बिनानी सीमेंट के लेनदारों की समिति के पास कहीं बड़ी पेशकश की जा रही थी। अल्ट्राटेक सीमेंट के करीबी सूत्रों ने बताया कि एनसीएलटी के कोलकाता पीठ को एनसीएलटी के दिल्ली पीठ के फैसले की जानकारी है और इसलिए बिनानी सीमेंट के लिए फैसला देते समय वह भूषण पावर ऐंड स्टील मामले में दिए गए फैसले को ध्यान में रखेगा।
 
परिचालन लेनदारों को झटका
 
सर्वोच्च न्यायालय ने आज बिनानी सीमेंट्ïस के परिचालन लेनदारों को कोई राहत देने से इनकार कर दिया। बिनानी सीमेंट का मामला एनसीएलटी के कोलकाता पीठ में चल रहा है। कंपनी के परिचालन लेनदारों में कोयला कंपनियां, ट्रांसपोर्टर और सीमेंट बोरियों के आपूर्तिकर्ता शामिल हैं। सर्वोच्च न्यायालय दिवालिया कानून की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई कर रहा था। इसी दौरान बिनानी सीमेंट के परिचालन लेनदारों ने भी अपनी याचिका दायर की थी। स्विस रिबंस एवं अन्य कंपनियों ने आरोप लगाया है कि इस कानून के कई प्रावधान अवैध हैं। इससे पहले अदालत ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल को इन याचिकाओं पर जवाब देने को कहा था। हालांकि मामले की सुनवाई 4 मई तक स्थगित कर दी।
कीवर्ड bhusan steel, NCLT, ultratec,

  
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