पुरानी दूरसंचार कंपनियों को लुभावनी कीमत पर थोड़ी राहत

किरण राठी | नई दिल्ली Apr 24, 2018 09:47 PM IST

दूरसंचार अपीली पंचाट (टीडीसैट) ने पुरानी दूरसंचार कंपनियों को लुभावनी कीमतों पर थोड़ी राहत दी है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने ग्राहकों को लुभाने वाली कीमतों के बारे में हाल में नियमन जारी किए थे। इनमें महत्त्वपूर्ण बाजार ताकत की परिभाषा और कीमतों की जानकारी देने से संबंधित नियम शामिल थे। हालांकि पंचाट ने सभी नियमन पर रोक नहींं लगाई है।  ट्राई के इन नियमन के खिलाफ एयरटेल और आइडिया टीडीसैट गई थीं। उनका मानना था कि नए नियम रिलायंस जियो के पक्ष में ज्यादा हैं क्योंकि ट्राई ने ताकतवर बाजार खिलाड़ी होने की परिभाषा से दो बातें हटा दी थी। नए नियमों में ट्राई ने दो मानदंडों के आधार पर ताकतवर बाजार खिलाड़ी होने की परिभाषा तय की थी। ये मानदंड थे ग्राहक आधार और सकल राजस्व में से जो भी पहले हो। इससे पहले जो परिभाषा थी उसमें 4 मानदंड शामिल थे। ये मानदंड थे ग्राहक आधार, कारोबार या सकल राजस्व, नेटवर्क क्षमता और कॉल ट्रैफिक की मात्रा। 
 
जानकारी देने संबंधी जरूरत के बारे में पुरानी कंपनियों का कहना था कि नए नियमों से ग्राहक बनाए रखने की और नए ग्राहक जोडऩे की क्षमता प्रभावित होगी क्योंकि सभी पेशकश की जानकारी उनको ट्राई को देनी पड़ेगी। अगर कोई दूरसंचार प्रदाता इस जरूरत को पूरी नहीं करेगा तो उस पर 5,000 रुपये प्रतिदिन से लेकर अधिकतम 2,00,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। पुराने ऑपरेटर इससे नाखुश थे।  अंतरिम आदेश जारी करते हुए टीडीसैट ने कहा कि यह स्पष्ट था कि दूरसंचार (इंटरकनेक्शन उपभोग शुल्क) नियमन 2003 बना है और इसकी अधिसूचना 2003 मेंं जारी हुई थी जिसमें कुछ महत्त्वपूर्ण बदलाव किए गए। यह बदलाव अनुमानित लागत के साथ साथ रिपोर्टिंग की जरूरतों को लेकर थे। 
 
टीडीसैट ने कहा कि रिपोर्टिंग की जरूरतों में बदलाव का महत्त्वपूर्ण असर होगा और सभी कंसेशन और छूट किसी भी श्रेणी के उपभोक्ता को किसी भी वजह से दिए जाने पर उसकी सूचना देनी होगी। टीडीसैट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा है, 'बहस के बाद दिए गए आदेश के मुताबिक रिपोर्टिंग की जरूरतों और एसएमपी की परिभाषा से संबंधित नियमों पर रोक लगा दी गई है। बहरहाल ट्राई को यह अधिकार होगा कि वह छूट के बारे में विश्लेषण के लिए जानकारी हासिल कर सके, लेकिन उस आधार पर जुर्माना नहीं लगाया जा सकता जब तक कि लंबित अपीलों पर आगे कोई आदेश नहींं हो जाता है।' नियामक ने बेहद सस्ती कीमत को एसएमपी के साथ जोड़ दिया है। इससे पुरानी कंपनियों का जियो से कम शुल्क की पेशकश का लचीलापन सीमित हो गया है, वहींं हाल में आने वाली कंपनी के लिए इस तरह की कोई सीमा नहीं होगी। 
कीवर्ड telecom, दूरसंचार trai,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक