एनसीएलएटी में आर्सेलरमित्तल

वीणा मणि | नई दिल्ली Apr 27, 2018 09:44 PM IST

आर्सेलरमित्तल ने राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में अपील की है। एनसीएलटी ने अपने फैसले में कहा है कि आर्सेलरमित्तल 30 दिन के भीतर अपने बकाये का भुगतान करने के बाद ही एस्सार स्टील के लिए बोली लगा सकती है।  इस बीच इस फैसले के खिलाफ न्यूमेटल ने भी एनसीएलएटी का रुख किया है। न्यूमेटल ने कहा है कि भले ही आर्सेलरमित्तल अपने बकाये का भुगतान कर दे, लेकिन उसे बोली में हिस्सा लेने की मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए। अपीलीय न्यायाधिकरण ने समाधान पेशेवर (आरपी) और ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) को नोटिस जारी किए हैं और इन दोनों याचिकाओं पर 17 मई को सुनवाई होगी। 
 
हाल में एस्सार मामले में एनसीएलटी के पीठ ने न्यूमेटल और आर्सेलरमित्तल की तरफ से मिली पहली बोलियां समाधान पेशेवर और ऋणदाताओं को समिति को वापस भेजी थीं और उनसे कहा था कि ऋणदाताओं की समिति द्वारा विचार किए जाने के लिए नई बोलियां आमंत्रित करने से पहले सभी समाधान योजनाओं पर विचार किया जाए। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि इस कानून में यह प्रावधान है कि अगर समाधान आवेदक धारा 29ए (सी) के तहत अयोग्य पाया जाता है तो बकाये के भुगतान के लिए 30 दिन की अवधि है। यह धारा किसी गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) के प्रवर्तक को एक साल से अधिक समय तक समाधान योजना सौंपने से रोकती है। 
 
एनसीएलटी के पीठ ने पाया कि केवल शेयरों की बिक्री और डीक्लासीफिकेशन से आर्सेलरमित्तल अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं हो सकती। एनसीएलटी ने आर्सेलरमित्तल को कहा है कि वह उत्तम गैल्वा स्टील्स और केएसएस पेट्रोन के बकाये का भुगतान करे, जो एक साल से अधिक समय से एनपीए हैं। इसके साथ ही एनसीएलटी ने ऋणदाताओं की समिति को पात्रता के मुद्दे पर स्वतंत्र नजरिया अपनाने को कहा है।  पहले चरण की वित्तीय बोलियां मंगलवार को ऋणदाताओं की समिति की लंबे समय तक चली बैठक में खोली गईं। सूत्रों ने कहा कि आर्सेलरमित्तल की बोली न्यूमेटल से अधिक थी। हालांकि तब पात्रता या नई बोलियों पर कोई फैसला नहीं लिया गया। अगली बैठक 27 अप्रैल को होनी है। 
 
ऋणदाताओं की समिति की 21 मार्च को हुई बैठक में न्यूमेटल और आर्सेलरमित्तल को अयोग्य पाया गया था। समिति ने दूसरे चरण की बोलियों का भी फैसला किया था। सीमित अवधि में बोलियां आमंत्रित करने के लिए अभिरुचि पत्र शॉर्टलिस्ट किए गए थे। न्यूमेटल के अलावा आर्सेलरमित्तल और वेदांत ने बोली लगाई थी। न्यूमेटल ने जेेएसडब्ल्यू स्टील के साथ मिलकर बोली लगाई है। इसके बाद न्यूमेटल एनसीएलटी गई थी और बोलियों को खोलने पर रोक लगाने की मांग की थी। यह प्रक्रिया एनसीएलटी के आदेश तक थमी रही। एनसीएलटी ने कहा है कि बोलियों का दूसरा चरण तर्कसंगत हो सकता है, लेकिन यह कानूनी रूप से ठीक नहीं है। 
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