क्रिप्टोकरेंसी पर वेनेजुएला देगा सस्ता तेल!

शाइन जैकब और दिलाशा सेठ | नई दिल्ली Apr 27, 2018 09:55 PM IST

वेनेजुएला ने भारत को 30 फीसदी रियायत पर कच्चा तेल निर्यात करने की पेशकश की है। हालांकि, इस तेल उत्पादक देश ने यह शर्त रखी है कि भारत को उसकी नई ब्लॉक चेन तकनीक आधारित मुद्रा 'पेट्रो' खरीदनी होगी। पेट्रो पहली ऐसी आभासी मुद्रा (क्रिप्टो करेंसी) है, जिसे किसी देश ने आधिकारिक तौर पर शुरू करने की पहल की है। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला ने अपने तेल भंडार को ध्यान में रखकर इस मुद्रा की शुरुआत की है। 20 फरवरी को इसकी बिक्री पूर्व नुमाइश की गई थी। कई लोग इसे सबसे सुरक्षित आभासी मुद्रा के तौर पर देखते हैं, क्योंकि वेनेजुएला के पास 300 अरब बैरल का विशाल तेल भंडार है। दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देश सऊदी अरब के पास 266 अरब बैरल तेल का भंडार है। 
 
सूत्रों के अनुसार वेनेजुएला के ब्लॉकचेन विभाग का एक दल पिछले महीने भारत आया था। वेनेजुएला ने भारत में पेट्रो बेचने के लिए दिल्ली की कॉइनसिक्योर को अपना आधिकारिक साझेदार बनाया है। वेनेजुएला के एक वरिष्ठï अधिकारी ने बताया कि कॉइनसिक्योर के जरिये भारत में पेट्रो में निवेश के लिए निजी क्षेत्र दिलचस्पी दिखा चुका है। कॉइनसिक्योर के मुख्य कार्याधिकारी मोहित कालरा ने अनुसार चर्चा के दौरान वेनेजुएला ने पेट्रो की खरीदारी के माध्यम से 30 फीसदी रियायत पर कच्चा तेल देने की पेशकश की थी।
 
कालरा ने कहा, 'वेनेजुएला का ब्लॉकचेन विभाग विभिन्न देशों में जाकर ऐसी पेशकश कर रहा है। उन्होंने भारत से कहा है कि पेट्रो खरीदने पर 30 फीसदी कम कीमत पर उनका देश कच्चा तेल मुहैया कराएगा। भारत जब भी वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगा तब उसे 30 फीसदी छूट मिलेगी। मीडिया में आई खबरों के अनुसार बिक्री-पूर्व नुमाइश में पेट्रो ने 3.8 अरब डॉलर जुटाए और 127 देशों ने इसमें रुचि दिखाई। कालरा ने कहा कि वेनेजुएला कॉइनसिक्योर पर आभासी मुद्रा के तौर पर पेट्रो जोडऩा चाहता है, ताकि वह बिटकॉइन और भारतीय रुपये के साथ इसका कारोबार कर सके। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला से आए दल ने भारत में एक सम्मेलन करने की भी इच्छा जताई थी, जिसमें वहां के राष्ट्रपति निकोलस मडुरो पेट्रो को आगे बढ़ाने की कवायद करते। इस महीने के शुरू में दिल्ली में आयोजित अंतराष्ट्रीय ऊर्जा मंच में भाग लेने आए वेनेजुएला के हाइड्रोकार्बन मंत्री ऐंजल गोंजालेज ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा था, 'पेट्रो वेनेजुएला की आर्थिक स्थिरता और वित्तीय स्वतंत्रता के लिए एक साधन साबित होगा।' 
 
इस साल 20 मई को वेनेजुएला में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और इसके बाद पेट्रो की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। समझौते के आधार पर कॉइनसिक्योर वेनेजुएला को व्हाइट लेबल एक्सचेंज सॉल्युशंस (लाइसेंस या तैयार प्लेटफॉर्म) की भी पेशकश कर रहा है। इसके तहत वेनेजुएला में कारोबार करने वाले सभी आभासी मुद्रा कारोबारियों को उस एक्सचेंज पर भी कारोबार करना होगा। कालरा ने कहा, 'उनका परिचालन उनके अपने ब्रांड के साथ होगा, लेकिन इसके लिए ढांचा हमारा होगा। हम उन्हें 10 से 15 आभासी मुद्रा कारोबारी देंगे।'
 
अमेरिकी प्रतिबंध के कारण नकदी संकट और महंगाई की मार झेल रही वेनेजुएला सरकार 2020 तक पेट्रो को आधिकारिक मुद्रा बनाना चाहती है। अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन पेट्रो पर पाबंदी लगाने की घोषणा कर चुका है। इससे निवेशकों के मन में भी पेट्रो को लेकर संशय बना हुआ है।  इस बारे एक सूत्र ने कहा, 'पेट्रो को तेल का दम मिलने के बावजूद यह एक केंद्रीकृत मुद्रा की तरह ही है और कोई नहीं जानता कि कितने सिक्के उतारे या जारी किए जाएंगे। यह भी मालूम नहीं है कि ये कब तक जारी होंगे।' खबरों के अनुसार नवंबर 2017 से फरवरी 2018 के बीच वेनेजुएला से भारत का तेल आयात करीब 300,000 बैरल प्रति दिन रहा। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 20 फीसदी कम है और 2012 के बाद सबसे निचला स्तर है। 
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