बकाया चुकाने पर विचार कर सकती है आर्सेलरमित्तल

ईशिता आयान दत्त | कोलकाता May 03, 2018 09:51 PM IST

आर्सेलरमित्तल ने बुधवार को लेनदारों की समिति के सामने अपनी पात्रता का मजबूत दावा पेश करते हुए कहा कि अगर डिफॉल्ट करने वाली कंपनी का बकाया चुकाने को कहा जाएगा तो वह सदभावना के संकेत के तौर पर इस पर विचार कर सकती है। बकाए के पुनर्भुगतान पर कंपनी के एक सूत्र ने कहा, हमारा मानना है कि उत्तम गैल्वा व केएसएस पेट्रोन पर हमारी स्थिति मजबूत है और यही चीजें बुधवार को हमने सामने रखी। अगर हमें कुछ करना पड़ा तो सदभावना के संकेत के तौर पर हम ऐसा करेंगे।

 
लेनदारों की समिति एक बार फिर शनिवार को बैठक कर सकती है, जिसके बाद आर्सेलरमित्तल व न्यूमेटल को अयोग्यता के उपचार के लिए औपचारिक नोटिस दिया जाएगा। बुधवार को सीओसी ने दोनों बोलीदाताओं से मुलाकात की, जिन्होंने योग्यता को लेकर अपना पक्ष रखा। उत्तम गैल्वा और केएसएस पेट्रोन को लेकर कुल बकाया करीब 70 अरब रुपये होगा। सूत्रों ने कहा कि लेनदारों ने बैठक में आर्सेलरमित्तल को संकेत दिया था कि उसे दोनों कंपनियों का बकाया चुकाना होगा। समझा जाता है कि आर्सेलरमित्तल पहले ही उत्तम गैल्वा के लिए बैंकों को 53 अरब रुपये की पेशकश कर चुकी है। उत्तम गैल्वा स्टील (जो एक साल से ज्यादा से समय से एनपीए है) में आर्सेलरमित्तल की 29 फीसदी हिस्सेदारी है, जो धारा 29 ए (सी) के तहत पहले दौर की बोली में उनकी अयोग्यता का तकनीकी आधार बन गया। आर्सेलरमितत्तल उत्तम गैल्वा की सह-प्रवर्तक है, लेकिन इसके पास प्रबंधन का नियंत्रण या निदेशक मंडल में प्रतिनिधित्व नहीं है।
 
हालांकि एस्सार के लिए बोली लगाने से पहले इसने उत्तम गैल्वा के शेयर का हस्तांतरण 1 रुपये प्रति शेयर पर प्रवर्तक परिवार को कर दिया। शेयर बिक्री के तुरंत बाद हालांकि इसने प्रवर्तक के तौर पर खुद को अवर्गीकृत करने के लिए स्टॉक एक्सचेंजों के पास आवेदन किया था, लेकिन यह काफी समय बाद हुआ। कानूनी सलाह के आधार पर रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने आर्सेलरमित्तल को इस आधार पर अयोग्य पाया और पहले दौर की बोली से इसे अयोग्य करार दे दिया। अपनी अयोग्यता को आर्सेलरमित्तल और न्यूमेटल ने एनसीएलटी के अहमदाबाद पीठ में चुनौती दी, जिसने पहले दौर की बोली को विचार के लिए दोबारा रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल व सीओसी को भेज दिया। इसके बाद न्यूमेटल ने एनसीएलएटी में इस आधार पर चुनौती दी कि आर्सेलरमित्तल को ट्रिब्यूनल की तरफ से दी गई 30 दिन की अवधि उस पर लागू नहीं होती। आर्सेलरमित्तल ने भी अयोग्यता के खिलाफ एनसीएलएटी में अपील की।
कीवर्ड arcelor mittal steel, NCLT,

  
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