बासमती उत्पादक आरईआई एग्रो का होगा समापन

वीणा मणि | नई दिल्ली May 03, 2018 09:53 PM IST

विश्व के बासमती चावल बाजार में 22 फीसदी हिस्सेदारी का दावा करने वाली आरईआई एग्रो समापन में चली गई, जब नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने ऐसा आदेश दिया। सूत्रों ने कहा कि इंडिया गेट बासमती चावल के उत्पादक केआरबीएल समूह ने आरईआई एग्रो में रुचि प्रदर्शित की है। रेन ड्रॉप्स बासमती चावल बेचने वाली आरईआई एग्रो की सुरक्षित कीमत 200 करोड़ रुपये है। आधिकारिक परिसमापक इस कंपनी के लिए ई-नीलामी आयोजित करेंगे। कंपनी के पास हालांकि कई परिसंपत्तियां हैं, लेकिन कानूनी दायरे से बाहर या प्रवर्तन निदेशालय की जब्ती से बाहर की संपत्तियों को ही इसके दायरे में रखा गया है।
 
इंडिया गेट बासमती चावल की उत्पादक केआरबीएल के प्रवर्तकों ने 1995 में आईपीओ के जरिए 15 करोड़ रुपये जुटाए थे। 22 साल बाद कंपनी देश की सबसे ज्यादा बासमती चावल उत्पादक कंपनी है और इसका बाजार पूंजीकरण करीब 102.4 अरब रुपये है। इस कंपनी का मालिकाना हक जिस परिवार के पास है वह चावल कारोबार के पहले अरबपति हैं। आरईआई एग्रो के समापन की बात करने वाली अधिसूचना में कहा गया है कि निदेशक मंडल और प्रमुख प्रबंधकों ने अपनी शक्तियां खो दी है और सभी कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है।
 
आरईआई एग्रो का दिवालिया मामला एनसीएलटी के कोलकाता पीठ में मार्च में दाखिल किया गया था। एनसीएलटी तब किसी कंपनी के समापन का आदेश दे सकता है जब वह फर्म मामला दाखिल होने के छह महीने के भीतर समाधान योजना पेश करने में नाकाम रहती है और इसमें 90 दिन का विस्तार भी दिया जाता है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2016 की समाप्ति 10.8 अरब रुपये के नुकसान के साथ की। उस साल इसका एकल कारोबार 5.2 अरब रुपये का था। 2015-16 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, इसके ऊपर 22 बैंकों का 47.4 अरब रुपये बकाया था। साथ ही बैंकों व वित्तीय संस्थाओं के कर्ज का ब्याज भी नहीं चुकाया। कंपनी के बुरे दिन तब शुरू हुए जब कार्यशील पूंजी की किल्लत के चलते कंपनी ने नकदी संकट का सामना किया। इसकी प्रसंस्करण इकाइयां मामूली क्षमता पर काम कर रही थी और समीक्षाधीन अवधि में कई संयंत्रों में उत्पादन निलंबित रहा।
कीवर्ड basmati rice, REI agro,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक