पेशकश पर अड़ी रहेगी डालमिया भारत

अभिषेक रक्षित | कोलकाता May 04, 2018 09:51 PM IST

बिनानी सीमेंट के अधिग्रहण के लिए अपनी पेशकश को संशोधित न करने के फैसले पर अडिग डालमिया भारत की अगुआई वाले कंसोर्टियम ने एनसीएलटी के कोलकाता पीठ के फैसले पर स्टे के लिए शुक्रवार को एनसीएलएटी का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अपनी कोशिश में नाकाम रहा। बुधवार को एनसीएलटी ने लेनदारों की समिति को अल्ट्राटेक की संशोधित बोली पर विचार करने को कहा था और सीओसी से यह भी कहा था कि वह डालमिया भारत की पेशकश पर तभी विचार करे जब वह अल्ट्राटेक के मुकाबले ज्यादा बड़ी बोली लगाए।

 
डालमिया भारत की करीब 67 अरब रुपये की पेशकश के मुकाबले अल्ट्राटेक ने दूसरे संशोधन में अपनी बोली 79.60 अरब रुपये कर दी है।  डालमिया भारत के सूत्रों ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि वह विकल्प तलाश रही है, लेकिन मौजूदा परिदृश्य में अपनी बोली में इजाफा नहींं करेगी। सूत्रों ने कहा, बिनानी सीमेंट के अधिग्रहण की लागत की सीमा है। डालमिया भारत की पेशकश सही है, लेकिन नाकाम बोलीदाता अल्ट्राटेक की पेशकश बिनानी सीमेंट की परिसंपत्तियों की कीमत के मुकाबले काफी ज्यादा है।
 
तथ्यों के मुताबिक, रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने समापन पर बिनानी सीमेंट की परिसंपत्तियों का मूल्यांकन 23 अरब रुपये किया था, लेकिन डालमिया भारत की पेशकश समापन कीमत की तिगुनी है और अल्ट्राटेक की पेशकश डालमिया भारत के मुकाबले 10.22 अरब रुपये ज्यादा है। इसके अलावा डालमिया भारत के सूत्रों का मानना है कि डालमिया भारत की अगुआई वाले कंसोर्टियम का चयन आईबीसी के कानूनी ढांचे व अन्य नियम के मुताबिक था, लिहाजा पेशकश में संशोधन की दरकार नहीं है। डालमिया भारत के सूत्रों ने कहा, लेनदार भी हमारी पेशकश से संतुष्ट थे। अन्यथा क्या वजह थी कि उन्होंने हमें लेटर ऑफ इंटेट जारी किया और हमारे प्रस्ताव को एनसीएलटी के पास मंजूरी के लिए भेजा। यह साबित करता है कि पेशकश सही है और उचित है।
 
एनसीएलटी के कोलकाता पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट तौर पर लेनदारोंं की समिति को दोनों पक्षकारों की पेशकश पर विचार करने को कहा है, लेकिन इसके लिए आईबीसी के मकसद को ध्यान में रखने को कहा है। इस मामले की सुनवाई के दौरान एनसीएलटी के कोलकाता पीठ ने पाया कि आईबीसी का मकसद ज्यादा से ज्यादा कीमत हासिल करना और लेनदारोंं व अन्य हितधारकों को भुगतान करना है। इसलिए अगर डालमिया भारत अल्ट्राटेक से ज्यादा बोली नहीं लगाती है तो इस बात की पूरी संभावना है कि सीओसी टिब्यूनल की भावना को ध्यान में रखते हुए अल्ट्राटेक का प्रस्ताव स्वीकार कर सकती है।
 
डालमिया भारत की अगुआई वाले कंसोर्टियम का विरोध करने वालों का मानना है कि ट्रिब्यूनल का आदेश स्पष्ट तौर पर डालमिया भारत को अपनी बोली में इजाफा करने या दौड़ से बाहर निकलने को कह रहा है। ऐसे में अल्ट्राटेक का प्रस्ताव अंतिम परिणति तक पहंच जाएगा। एनसीएलएटी का कदम अब अल्ट्राटेक के प्रस्ताव को सीओसी के विचार के चरण में पहुंचने की संभावना के द्वार खोल रहा है। सूत्रों ने कहा कि शुक्रवार के एनसीएलएटी के आदेश के बाद सीओसी की बैठक 5 या 7 मई को हो सकती है, जिसमें अल्ट्राटेक सीमेंट के प्रस्ताव पर विचार हो सकता है। इस प्रगति से जुड़े सूत्रों का मानना है कि सर्वोच्च न्यायालय पहुंचने से पहले सीओसी की बैठक को रोकने का डालमिया भारत के पास यह आखिरी विकल्प था, लेकिन एनसीएलएटी के फैसले ने इसे परेशान किया है।
कीवर्ड binani, cement, NCLT,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक