बॉन्ड बाजार में नकदी झोंक रहा आरबीआई

बीएस संवाददाता | मुंबई May 04, 2018 09:52 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक मुद्रा और बॉन्ड बाजारों पर पड़ रहे दबाव को घटाने के लिए कदम उठा रहा है। आंकड़ों से पता चलता है कि केंद्रीय बैंक का विदेशी मुद्रा भंडार 27 अप्रैल को समाप्त हफ्ते में 3.22 अरब डॉलर घटा है जबकि इससे एक हफ्ते पहले 2.5 अरब डॉलर घटा था। करेंसी डीलरों का कहना है कि मुद्रा भंडार में ज्यादातर गिरावट रुपये की फिसलन को थामने के चक्कर में हुई है। 7 अक्टूबर 2016 को समाप्त हफ्ते के बाद यह मुद्रा भंडार की सबसे तीव्र गिरावट है जब मुद्रा भंडार 4.3 अरब डॉलर घट गया था।
 
इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने द्वितीयक बाजार से 100 अरब रुपये के बॉन्ड खरीद की घोषणा के जरिए बॉन्ड डीलरों की पीड़ा कम करने की कोशिश शुरू की है। हाल में विदेशी निवेशकों को किसी भी परिपक्वता अवधि वाली प्रतिभूतियों की खरीद की अनुमति भी आरबीआई ने दी है, जिससे बॉन्ड बाजार का माहौल सुधारने में मदद मिलेगी। यह संकेत है कि केंद्रीय बैंक भविष्य में भी प्रतिफल में नरमी लाने में मदद करेगा। रुपया 66.87 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, वहीं 10 वर्षीय बॉन्ड का प्रतिफल 7.73 फीसदी पर बंद हुआ, जो छह महीने में एक फीसदी से ज्यादा बढ़ा है।
 
10 वर्षीय बॉन्ड का प्रतिफल तेजी से बढ़ा है जब आरबीआई के मिनट्स में अप्रैल में घोषित नीति के मुकाबले ज्यादा सख्त नीति की बात कही गई। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने भी जून से सहायता वापस लेने का सुझाव दिया, जिसका मतलब यह होगा कि दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। इस कदम के अलावा विदेशी निवेशकों की निकासी ने बॉन्ड के प्रतिफल को बढ़ा दिया। 
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