मार्जिन की जानकारी पर जुर्माने की समीक्षा चाहता है ब्रोकर समुदाय

श्रीमी चौधरी | मुंबई May 07, 2018 09:45 PM IST

ब्रोकरों ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड से मार्जिन रिपोर्टिंग पर जुर्माने के मसौदे की समीक्षा करने का अनुरोध किया है। बाजार नियामक ने एक्सचेंजों से कहा था कि वह ब्रोकरों की तरफ से क्लाइंटों मार्जिन की गलत जानकारी दिए जाने के मामले में 100 फीसदी तक जुर्माना लगाए और कारोबार निलंबित करे। उद्योग निकाय एसोसिएशन ऑफ नैशनल एक्सचेंजेज मेंबर्स ऑफ इंडिया (एएनएमआई) ने नियामक को पत्र लिखकर छूट मांगी है। सेबी को लिखे पत्र में निकाय ने कहा है, हमारा मानना है कि गलत जानकारी पर 100 फीसदी जुर्माना काफी सख्त है और मार्जिन की गलत जानकारी के सभी मामलों में जरूरी नहीं है।
 
सेबी ने एक्सचेंजों से कहा था कि वह ब्रोकरों पर भारी जुर्माना लगाए जो अपने क्लाइंटों को डेरिवेटिव बाजार में पर्याप्त मार्जिन के बिना कारोबार की अनुमति देते हैं। न्यूनतम जुर्माना मार्जिन में कमी का 0.5 फीसदी है, वहीं यह मार्जिन 100 फीसदी तक भी हो सकता है। हालांकि उद्योग निकाय का मानना है कि मार्जिन की जानकारी देते समय कुछ गलतियां वास्तविक हो सकती हैं, जिसे अलग रखे जाने की दरकार है। एएनएमआई के एक सदस्य ने कहा, परिपत्र में जुर्माना लगाते के समय किसी तरह के स्वविवेक की परिकल्पना नहीं की गई है, जो हर मामले में तत्थ्यों व परिस्थितियां के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं।
 
इसमें कहा गया है कि सेबी को जुर्माने के मसौदे पर दोबारा विचार करना चाहिए और उन पर सख्त जुर्माना लगाना चाहिए जो क्लाइंटों के फंडों का दुरुपयोग कर उसका इस्तेमाल अन्य क्लाइंटों की फंडिंग में करते हैं। सेबी के नियम के मुताबिक, क्लियरिंग मेंबर व ट्रेडिंग मेंबर को सभी क्लाइंटों से शुरुआती मार्जिन संग्रह करना होता है और इसकी जानकारी रोजाना आधार पर देनी होती है।
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