'उच्च मूल्यांकन से सीमित होगी बढ़त'

समी मोडक |  May 09, 2018 09:56 PM IST

मोतीलाल ओसवाल इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के शोध प्रमुख गौतम दुग्गड का कहना है कि उच्च मूल्यांकन (खास तौर से मिडकैप के क्षेत्र में) बाजार की  बढ़त को सीमित कर देगा। समी मोडक से बातचीत में उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाली कंपनियों के शेयर चुनावी साल में बेहतर हो सकतते हैं। पेश हैं मुख्य अंश:

 
आय का सीजन अब तक कैसा रहा है?
 
ऐक्सिस बैंक को छोड़ दें तो आय का सीजन अब तक अनुमान के मुताबिक रहा है। ऐक्सिस बैंक ने प्रावधान व एनपीए में खासी बढ़ोतरी दर्ज की है। हमारा मानना है कि कंपनियों पर ध्यान देने वाले बैंकों की संपत्ति की गुणवत्ता सुस्त व उतारचढ़ाव भरी होगी। जो निवेशक आंकड़ों पर नजर डाल रहे हैं उन्हें मैं बताना चाहता हूं कि कंपनियों के मुनाफे की बेहतर प्रवृत्ति जानने के लिए वह बैंकों को इससे अलग कर दें। सूचना प्रौद्योगिकी व निजी क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों ने मोटे तौर पर हमारे अनुमान को पूरा किया है। सीमेंट क्षेत्र ने हमें चौंकाया है, जिसकी वजह उम्मीद से बेहतर बिक्री कीमत है। वाहन कंपनियों ने मजबूत बिक्री दर्ज की है, लेकिन उनका मार्जिन कम है क्योंकि प्रमोशन पर इसका खर्च बढ़ा है और कच्चे माल की कीमत भी ज्यादा है। उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र की कंपनियों के वित्तीय नतीजों से पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्र में वृद्धि की रफ्तार शहरों के मुकाबले कहीं अधिक रही है। 
 
क्या उद्योग जगत वित्त वर्ष 2018-19 के लिए सर्वमान्य आय वृद्धि अनुमान को हासिल कर पाएगा?
 
फिलहाल यह बताना कठिन है कि वर्ष 2018-19 के लिए जाहिर किए गए अनुमानों को हासिल किया जाएगा या नहीं। हालांकि हमारा मानना है कि यह वित्त वर्ष पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले बेहतर रहेगा। हम उम्मीद करते हैं कि अगली तिमाही के दौरान सरकारी एवं निजी क्षेत्र के बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार आएगा।
 
मूल्यांकन एक बार फिर दीर्घावधि औसत से अधिक हो चुका है। क्या आपको लगता है कि अधिक मूल्यांकन से तेजी पर लगाम लगेगा?
 
मूल्यांकन को पिछले महीने की तुलनात्मक आधार पर नहीं देखा जा सकता है। अप्रैल में 6 फीसदी की तेजी पिछले दो महीने के दौरान 10 फीसदी की गिरावट के बाद आई थी। वास्तव में मूल्यांकन कम नहीं हैं। मिड-कैप मूल्यांकन लार्ज-कैप के मुकाबले अस्थायी तेजी के साथ कारोबार कर रहा है। इसलिए मिड-कैप को लेकर सतर्क रहने का हमारा नजरिया बरकरार है। हमारा मानना है कि अधिक मूल्यांकन सूचकांक स्तर पर तेजी पर लगाम लगाएगा। हालांकि बाजार में अभी भी निचले स्तर पर खरीदारी की काफी संभावनाएं मौजूद हैं।
 
प्रमुख संकेतक क्या हैं?
 
2019 के मध्य तक राजनीति एक महत्त्वपूर्ण संकेतक होगी। इसके अलावा मॉनसून की प्रगति, न्यूनतम समर्थन मूल्यों की घोषणा, वैश्विक तेल कीमतें, वृहत आर्थिक सुधार आदि लघु अवधि के महत्त्वपूर्ण संकेतक हैं।
 
कर्नाटक चुनाव परिणाम का बाजार पर क्या असर होगा?
 
पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की जीत से बाजार में विश्वास पैदा होगा और लघु अवधि में प्रदर्शन बेहतर रहेगा। दूसर ओर, भाजपा की हार से बाजार की बेचैनी बढ़ जाएगी और 2019 के परिणाम को लेकर अनिश्चितता बढ़ जाएगी। 
 
किन क्षेत्रों को लेकर आपका नजरिया तेजी का है?
 
निजी वित्तीय क्षेत्र, खपत, वाहन एवं चुनिंदा मिड-कैप शेयरों को लेकर हमारा नजरिया तेजी का है। जबकि धातु, सीमेंट, दूरसंचार, फार्मा एवं आईटी शेयरों को लेकर हमारा नजरिया सतर्क रहने का है।
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