एक तीर से दो निशाने

करण चौधरी | नई दिल्ली May 09, 2018 09:57 PM IST

ज्यादातर को 16 अरब डॉलर की रकम ज्यादा लग सकती है, लेकिन वॉलमार्ट इंक के लिए यह काफी कम कीमत है क्योंकि कंपनी वैश्विक तकनीकी व ई-कॉमर्स दिग्गज एमेजॉन को टक्कर देना चाहती है, जो तेजी से अपने ऑफलाइन रिटेल को आगे बढ़ा रही है। बेंगलूरु की ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट की 77 फीसदी हिस्सेदारी के लिए वॉलमार्ट जो रकम खर्च कर रही है उससे कंपनी को उम्मीद है कि वह जेफ वेजॉस की तरफ से संचालित कंपनी को कड़ी टक्कर दे पाएगी और दुनिया की हर समस्या के लिए संभवत: एक ही जगह समाधान उपलब्ध करा पाएगी।
 
बुधवार को इन्वेस्टर कॉल में वॉलमार्ट के वरिष्ठ प्रबंधन फ्लिपकार्ट के बेंगलूरु के नए मुख्यालय में बैठे थे और इन्होंने सौदे के बारे में विश्लेषकों के हर सवाल का जवाब देने की कोशिश की। कंपनी को उम्मीद है कि फ्लिपकार्ट सौदे से न सिर्फ उन्हें ई-कॉमर्स कारोबार को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी बल्कि वह न सिर्फ भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर एमेजॉन को टक्कर दे पाएगी। साथ ही इससे उन्हें अपने कारोबार को भारत में ऑफलाइन रिटेल में बिजनेस टु कस्टमर (बी2सी) से जोडऩे में मदद मिलेगी।
 
एमेजॉन से टक्कर के लिए सही हथियार
 
विलय को अंतिम रूप देने वाली टीम के सूत्रों के मुताबिक, अगले कुछ महीने में वॉलमार्ट अपने आला अधिकारियों को भारतीय बाजार और ई-कॉमर्स की गतिविधियों को समझने के लिए यहां भेजेगी। साथ ही कंपनी कई नए उत्पाद व प्राइवेट लेबल ला रही है ताकि फ्लिपकार्ट की ऑनलाइन क्षमता का विस्तार हो। वॉलमार्ट की झोली में फ्लिपकार्ट का सौदा लाने में मदद करने वाले एक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, वॉलमार्ट अंतत: यह समझने में समर्थ हो जाएगी कि भारत जैसे बड़े बाजार में कारोबार का संचालन कैसे किया जाता है और यह सीख वह विदेश भी ले जाएगी। साथ ही उसे 5.4 करोड़ सक्रिय ग्राहकों का आधार भी मिल जाएगा।
 
इन्वेस्टर कॉल में वॉलमार्ट के अध्यक्ष व मुख्य कार्याधिकारी डग मैकमिलन ने स्पष्ट किया कि पिछली कुछ तिमाहियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली फ्लिपकार्ट से उसे रिटेल का माहौल समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, हम फ्लिपकार्ट से मिलने वाली सीख का इस्तेमाल दुनिया के अन्य हिस्सों में भी करेंगे। वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट के विलय की मुख्य वजहों में कंपनी के कृत्रिम बौद्धिकता पर जोर, ग्राहकों का बड़े आधार और इसके पेमेंट प्लेटफॉर्म फोनपे को गिनाया है। उद्योग के जानकारों का मानना है कि वॉलमार्ट को विरासत में ई-कॉमर्स व सेवाओं का विस्तृत आधार मिल रहा है जो एमेजॉन से प्रतिस्पर्धा करेगा। 
 
फ्लिपकार्ट के नुकसान से विश्लेषक चिंतित
 
इस विलय से विश्लेषक बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं हैं और यह समझना चाहते हैं कि फ्लिपकार्ट के परिचालन नुकसान को कैसे समाहित करेगी। वह पिछले वित्तीय आंकड़ोंं में नहीं जाना चाहते, लेकिन वॉलमार्ट के वरिष्ठ प्रबंधन ने संकेत दिया है कि कुछ कठिन फैसले लेने होंगे, लेकिन लंबी अवधि में ऐसे जोखिम का फायदा मिलेगा। बाजार के विश्लेषकों के मुताबिक, फ्लिपकार्ट का संचयी नुकसान 2 अरब डॉलर से ज्यादा है, जो एमेजॉन इंडिया से प्रतिस्पर्धा के चलते दी जाने वाली छूट के चलते उठाना पड़ा है। विश्लेषक यह भी कह रहे हैं कि अमेरिका में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए वॉलमार्ट ने वहां 16 अरब डॉलर क्यों नहीं खर्च किए, जो एमेजॉन के चलते प्रभावित हो रहा है। वॉलमार्ट के मुख्य वित्तीय अधिकारी ब्रेट बिग्स ने कहा कि अमेरिका निश्चित तौर पर कंपनी के लिए महत्वपूर्ण बाजार है और उसे सुरक्षित बनाने के लिए कंपनी हर जरूरी कदम उठाएगी।
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