रिलायंस नेवल 'एनपीए' घोषित

एजेंसियां | मुंबई May 13, 2018 09:40 PM IST

सार्वजनिक क्षेत्र के विजया बैंक ने अनिल अंबानी समूह की अगुआई वाली रिलायंस नेवल ऐंड इंजीनियरिंग के ऋण खाते को मार्च तिमाही से गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) घोषित कर दिया है। पहले इसका नाम पीपावाव डिफेंस ऐंड ऑफशोर इंजीनियरिंग था।  अनिल अंबानी समूह ने 2016 में इसका अधिग्रहण किया था और इसे रिलायंस डिफेंस ऐंड इंजीनियरिंग का नाम दिया था। कंपनी पर आईडीबीआई बैंक की अगुवाई वाले बैंकों के समूह का 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। इनमें से ज्यादातर सरकारी बैंक हैं। बेंगलूरु के विजया बैंक ने कहा है कि रिजर्व बैंक द्वारा 12 फरवरी को लाए बदलावों के तहत यह कदम जरूरी है। केंद्रीय बैंक जो एनपीए निपटान ढांचा लेकर आया है उसके तहत मौजूदा सभी व्यवस्थाओं को रद्द कर दिया गया है। इसमें ऋण पुनर्गठन भी शामिल है। इसमें बैंकों से कहा गया है कि वे एक दिन की चूक को भी डिफॉल्ट मानें। यदि 180 दिन में इसका भुगतान नहीं होता है तो मामले को दिवालिया प्रक्रिया के लिए नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के पास भेजा जाना चाहिए। 
 
विजया बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी बैंकों के पास रिलायंस नेवल सहित कुछ खाते एसडीआर और एस4ए जैसी विभिन्न पुनर्गठन योजनाओं के तहत थे। 12 फरवरी के परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिन खातों का पुनर्गठन नहीं हो सकता है उन्हें एनपीए माना जा। अधिकारी ने कहा कि रिलायंस नेवल एसडीआर के तहत थी।
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