एनसीएलएटी गई अल्ट्राटेक सीमेंट

अभिषेक रक्षित | कोलकाता May 14, 2018 10:15 PM IST

अल्ट्राटेक सीमेंट ने एनसीएलएटी में आवेदन दाखिल कर शिकायत की है कि एनसीएलटी के कोलकाता पीठ के आदेश का पालन नहींं किया गया, जिसमें ट्रिब्यूनल ने बिनानी सीमेंट के लेनदारों की समिति को इसकी संशोधित पेशकश पर विचार करने को कहा था। साथ ही कंपनी ने ट्रिब्यूनल मांग की है कि इसकी पेशकश पर विचार के लिए सीओसी को बैठक आयोजित करने का आदेश दे। एनसीएलटी के कोलकाता पीठ की तरफ से पारित 2 मई के आदेश में सीओसी को अल्ट्राटेक की 79.60 अरब रुपये की पेशकश पर विचार के लिए आधिकारिक बैठक 5 मई तक बुलाना था। हालांकि सीओसी ने तय समयसीमा के बाद 10 मई को बैठक बुलाई, लेकिन रिजोल्यूशन प्रोफेशनल ने डालमिया भारत की तरफ से अल्ट्राटेक की पात्रता पर एतराज जताए जाने के बाद बैठक रद्द कर दी।
 
अल्ट्राटेक के एक सूत्र ने कहा कि उनकी अपील इस दावे पर टिकी हुई है कि सीओसी की तय बैठक एनसीएलटी के आदेश के मुताबिक हुई थी, जिसे एनसीएलएटी ने सही ठहराया था। डालमिया भारत ने इस बैठक पर स्टे के लिए अपीलेट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन एनसीएलएटी ने न सिर्फ इससे इनकार किया बल्कि सीओसी को बैठक के साथ आगे बढऩे और बोलीदाता को अंतिम रूप देने को कहा। हालांकि 10 मार्च को (सीओसी की बैठक के दिन) डालमिया भारत ने रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल व सीओसी को पत्र लिखकर दावा किया कि अल्ट्राटेक बोली की अपात्र है और इसके लिए आईबीसी की विभिन्नन धाराओं का हवाला दिया, जो रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को सीओसी के पास बोली सौंपने से पात्रता के मानदंड जांचने को अनिवार्य बनाता है। इसके बाद रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने बैठक रद्द कर दी।
 
अल्ट्राटेक ने कहा है कि ऐसा कदम एनसीएलटी व एनसीएलएटी के निर्देशों का उल्लंघन है। एनसीएलएटी 15 मई को अल्ट्राटेक की अपील पर सुनवाई करेगा। डालमिया भारत की तरफ से बिनानी सीमेंट के अधिग्रहण का विरोध करने वाली अल्ट्राटेक के अन्य सूत्रों का मानना है कि अगर रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को अल्ट्राटेक की पात्रता के मानदंड पर संदेह था तो उसे एनसीएलटी या एनसीएलएटी के पास जाकर दिशानिर्देश लेना चाहिए था। बिनानी सीमेंट के परिचालक लेनदार के एक सूत्र ने कहा, ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद भी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने डालमिया भारत के आरोपों को अदालत के पास संदर्भित करने के बजाय मामला अपने हाथ में ले लिया। एनसीएलटी के आदेश के तहत पात्रता मानदंड पूरा न करने के बाद भी परिचालक लेनदार अपने एक प्रतिनिधि का चयन कर सीओसी का हिस्सा बन सकते हैं।
 
योजना के मुताबिक सीओसी की बैठक रद्द होने के बाद परिचालक लेनदारों ने रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को पत्र लिखकर इस पर पूरा खुलासा करने को कहा था। इन्हें भी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल से कोई जवाब नहीं मिला है। डालमिया भारत की योजना का विरोध करने वाले एक अन्य सूत्र ने कहा, चूंकि डालमिया भारत तय बैठक में तीसरा पक्षकार थी, लिहाजा रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने आरोपों पर ध्यान नहीं दिया और ट्रिब्यूनल के आदेश के मुताबिक बैठक आयोजित कर ली। इसके अतिरिक्त, सूत्र ने कहा, बोली प्रक्रिया के दौरान जब अल्ट्राटेक को नाकाम बोलीदाता बताया गया था तब रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को पात्रता को लेकर कोई समस्या नहींं थी। कोलकाता ट्रिब्यूनल ने समाधान प्रक्रिया के लिए 24 जून की समयसीमा तय की है।
कीवर्ड ultratec, binani, cement, NCLT,

  
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