बड़ी जमा स्वीकारने व उधार देने पर पाबंदी

एजेंसियां | नई दिल्ली May 14, 2018 10:15 PM IST

सार्वजनिक क्षेत्र के इलाहाबाद बैंक ने आज कहा कि वित्तीय सेहत में गिरावट को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों को कर्ज देने और उच्च ब्याज वाली जमाएं स्वीकार करने से रोक दिया है। यह निर्देश आरबीआई के उस कदम के कुछ ही दिन के भीतर देखने को मिला है जिसमें आरबीआई ने ऐसी ही पाबंदी एक अन्य सरकारी बैंक देना बैंक पर लगाई है, जो केंद्रीय बैंक के त्वरित उपचारात्मक कदम (पीसीए) के दायरे में है। आरबीआई ने बैंंक के सीआरएआर व लीवरेज अनुपात के संबंध में कुछ अतिरिक्त कदम उठाने की सलाह दी है। इलाहाबाद बैंक ने स्टॉक एक्सचेंजों को भेजी जानकारी में ये बातें कही।
 
केंद्रीय बैंंक ने इलाहाबाद बैंक से कहा, (जो पहले ही पीसीए के दायरे में है) बैंक जोखिम भारांक औशत के विस्तार पर पाबंदी लगाए और बिना रेटिंग वाली व उच्च जोखिम वाली उधारी में कमी लाए। इस बीच, सरकार ने आज कहा कि उसने इलाहाबाद बैंक की सीईओ उषा अनंत सुब्रमण्यन को हटाने की कार्रवाई शुरू की है, जो पीएनबी में 2 अरब डॉलर के घोटाले में सीबीआई की पहली चार्जशीट के बाद उठाया गया है जिसमें उनकी भूमिका की बात है। इलाहाबाद बैंक का निदेशक मंडल सीईओ व एमडी अनंत सुब्रमण्यन के खिलाफ कार्रवाई करेगा, जो पिछले साल 5 मई तक पीएनबी की प्रबंध निदेशक थी।
 
पिछले साल जारी संशोधित पीसीए दिशानिर्देश के मुताबिक, अगर कोई बैंक जोखिम सीमा-3 में पहुंचता है तो इसे एकीकरण या पुनर्गठन या इसके समापन का उम्मीदवार माना जा सकता है।  पीसीए के तहत बैंक लाभांश वितरण आदि पर प्रतिबंध का सामना करता है। मालिक को बैंक में पूंजी डालने को कहा जा सकता है। इसके अलावा लेनदार को अपनी शाखाओं के विस्तार से रोका जाएगा और उच्च प्रावधान की भी दरकार होगी। 21 सरकारी बैंकों में से 11 आरबीआई के पीसीए के दायरे में है क्योंकि उनकी वित्तीय सेहत कमजोर है। 11 बैंकों में इलाहाबाद बैंक दूसरा लेनदार है जिसे आरबीआई ने जोखिम वाली परिसंपत्तियोंं को उधार देने से रोका है। पिछले हफ्ते इस बैंंक ने मार्च तिमाही में 3,509 करोड़ रुपये का एकल शुद्ध नुकसान दर्ज किया क्योंकि फंसे कर्ज पर इसका प्रावधान तीन गुना बढ़ गया।
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