स्टार्ट-अप में निवेश करेगा आरपी संजीव गोयनका समूह

अभिषेक रक्षित | कोलकाता May 14, 2018 10:16 PM IST

हाल में एफएमसीजी के क्षेत्र में उतरा आरपी संजीव गोयनका समूह इसमें निवेश व अधिग्रहण में मजबूती लाने के इरादे से एफएमसीजी स्टार्ट-अप में निवेश की संभावना तलाश रहा है और इसके लिए 1 अरब रुपये का वेंचर कैपिटल फंड बनाया है। समूह के चेयरमैन संजीव गोयनका का मानना है कि एफएमसीजी स्टार्ट-अप के क्षेत्र में पूंजी में असाधारण बढ़त हो रही है क्योंकि यहां अच्छे उत्पाद उपलब्ध हैं और इसी वजह से समूह ने स्टार्ट-अप फंड बनाया है। साथ ही यह कदम कंपनी के लिए अधिग्रहण का लक्ष्य बताता है।

 
गोयनका ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, अगर कंपनियां अच्छी हैं तो हमारा इनपुट इन्हें आगे बढऩे में मदद कर सकता है। एक समय में ये हमारे लिए अधिग्रहण के अच्छे लक्ष्य हो सकते हैं। उनमें से कई 3 से पांच सालों में निकलना चाहेंगी, ऐसे में हम उन्हें स्वत: बाहर निकलने का विकल्प देंगे। गोयनका ने ऐसे स्टार्ट अप में निवेश की खातिर सीड फंडिंग से लेकर हिस्सेदारी लेने तक का विकल्प खुला रखा है। यह दूसरा मौका है जब देश के पूर्वी भारत की कंपनी ने ऐसी पहल की है। एफएमसीजी के विस्तृत क्षेत्र में वह किसी भी वर्टिकल में निवेश के इच्छुक हैं।
 
अपने उत्पादों के पोर्टफोलियो और देश में अपनी मौजूदगी के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करते हुए आरपी संजीव गोयनका समूह अधिग्रहण पर नजर रखे हुए हैं। टू यम ब्रांड पेश करने के बाद इसने 4.4 अरब रुपये में एप्रीकॉट फूड्स की नियंत्रक हिस्सेदारी ली है और इस तरह से ईवीटा ब्रांड को अपने पोर्टफोलियो के दायरे में ला दिया है। पहले प्रमुख एफएमसीजी कंपनियां मसलन मैरिको व इमामी आदि ने भी स्टार्ट में निवेश कर चुकी हैं। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों मसलन रतन टाटा (टाटा संस के मानद चेयरमैन), मोहनदास पई (इन्फोसिस बोर्ड के पूर्व सदस्य व मणिपाल ग्लोबल एजुकेशन की मौजूदा चेयरमैन), किरण मजूमदार शॉ (बायोकॉन की निदेशक) इस क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं।
 
इस महीने मैरिको ने ऐलान किया है कि वह फिटनेस व हॉलिस्टिक वेलनेस प्लेटफॉर्म रेवोफिट की मूल कंपनी की 2.5 फीसदी हिस्सेदारी नकद में खरीदेगी। साथ ही हाल में इमामी ने दो स्टार्ट अप हेलियस लाइफस्टाइल और ब्रिलकेयर में निवेश किया है। इससे पहले आईडीजी वेंचर्स इंडिया (जो स्टार्ट अप कंनपी में लगातार निवेश करती रही है) की प्रबंध निदेशक टी सी मीनाक्षीसुंदरम ने कहा था कि कॉरपोरेट निवेशकों के पास वर्टिकल व आपूर्ति शृंखला की विशिष्ट जानकारी होती है, ऐसे में वे जरूरी रकम के अलावा स्टार्टअप को वैल्यू एडिशन उपलब्ध कराने में सक्षम होते हैं।
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