फोर्टिस के लिए मणिपाल की नई पेशकश

अनीश फडणीस और सोहिनी दास | मुंबई/अहमदाबाद May 14, 2018 10:16 PM IST

फोर्टिस के अधिग्रहण के मामले में नया मोड़ देखने को मिल सकता है क्योंकि टीपीजी के समर्थन वाली मणिपाल ने फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड के अधिग्रहण के लिए नई पेशकश की है, जो पहले की बोली से अलग व बेहतर है। इस पेशकश के बारे में हालांकि जानकारी नहीं मिल पाई। सूत्रों ने दावा किया कि टीपीजी व फोर्टिस ने 27 मार्च को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जो फोर्टिस हेल्थकेयर के हॉस्पिटल कारोबार को अलग कर मणिपाल हॉस्पिटल के साथ जोडऩे के लिए था। फोर्टिस के बोर्ड ने मणिपाल-टीपीजी के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया, जिसमें मणिपाल की तरफ से एसआरएल डायग्नोटिक्स की हिस्सेदारी लेने का मामला भी था। यह समझौता हालांकि अब रद्द हो गया है।

 
एक सूत्र ने कहा, मार्च की पेशकश से निवेशक नाखुश थे। इस पेशकश में संशोधन किया गया। फोर्टिस को कई अन्य बोली मिली। अब मणिपाल-टीपीजी ने बेहतर पेशकश सामने रखी है। यह सीधे निवेशक के पास जा सकती है और अगर निवेशक इसे बेहतर पाते हैं तो वह मुंजाल-बर्मन की पेशकश को चुनौती दे सकते हैं, जिसे पिछले हफ्ते फोर्टिस के बोर्ड ने चुना है। इस बीच, प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म आईआईएएस ने फोर्टिस के शेयरधारकों से अनुरोध किया है कि वह फोर्टिस हेल्थकेयर बोर्ड के चार मौजूदा निदेशकों को हटाने के पक्ष में मतदान करे क्योंकि बोर्ड ने अस्पताल शृंखला की बोली की उचित व पारदर्शी प्रक्रिया नहीं अपनाई।
 
फोर्टिस बोर्ड से चार निदेशकों को हटाने की मांग करने वाली प्राइवेट इक्विटी फंड ईस्ट ब्रिज कैपिटल व ज्यूपिटर ऐसेट मैनेजमेंट हीरो एंटरप्राइज-बर्मन फैमिली की पेशकश चुनने के बोर्ड के फैसले का विरोध कर सकती  हैं। इन दोनों फंडों के पास फोर्टिस हेल्थकेयर की 12 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है। बताया जाता है कि मौजूदा सदस्यों ने फोर्टिस में मुंजाल-बर्मन के निवेश का समर्थन किया है और इस तरह से कंसस्टेंट आर्पवुड और स्टैंडर्ड चार्टर्ड की सलाह को नहीं माना है। चार मौजूदा निदेशकों को हटाने की मांग पर शेयरधारकों की असाधारण आम बैठक 22 मई को होगी।
 
आईआईएएस ने एक नोट में शेयरधारकों से सिफारिश की है कि वह हरपाल सिंह, ब्रायन टेम्पेस्ट, तेजिंदर सिंह व सबीना वैसोहा को बोर्ड से हटाने वाले प्रस्ताव का समर्थन करें। आईआईएएस ने कहा है कि अस्पताल शृंखला को बेहतर सेवाएं वे निदेशक दे पाएंगे जो फोर्टिस समूह की इकाइयों से नहीं जुड़े हों। इनकी दलील है कि बोर्ड के मौजूदा सदस्यों ने बोली की उचित व पारदर्शी प्रक्रिया नहीं अपनाई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईस्टब्रिज कैपिटल और ज्यूपिटर ऐसेट मैनेजमेंट मलेशिया की आईएचएच हेल्थकेयर की पेशकश के हक मेंं थी, जिसने फोर्टिस का मूल्यांकन 175 रुपये प्रति शेयर के भाव पर किया था। बताया जाता है कि अन्य बड़े संस्थागत शेयरधारकों ने भी मौजूदा निदेशकों को हटाने के प्रस्ताव को समर्थन देने की बात कही है।
 
विश्लेषकों ने पहले ही कहा था कि अगर इन निदेशकों को हटाया जाता है तो उनके फैसले को शेयरधारक चुनौती दे सकते हैं। पीई ने फोर्टिस बोर्ड में कॉरपोरेट गवर्नेंस का मसला उठाया है। फोर्टिस में 15 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़े शेयरधारक येस बैंक ने कहा कि वह इस पर टिप्पणी नहीं करेगा। हालिया पेशकश में मुंजाल-बर्मन ने फोर्टिस हेल्थकेयर के लिए 18 अरब रुपये की पेशकश की है, जो तरजीही इक्विटी व वॉरंट के जरिए होगा। इस पेशकश से फोर्टिस का मूल्यांकन 90 अरब रुपये या 172 रुपये प्रति शेयर बैठता है। दोनों ने फोर्टिस में सीधे 10.5 अरब रुपये अग्रिम निवेश का प्रस्ताव किया है। बाकी 7.5 अरब रुपये का निवेश अगले चार महीने में किया जाएगा। इन्होंंने बोर्ड में तीन सीटों की मांग की है। यह पेशकश बाध्यकारी है और इससे हटने की कोई गुंजाइश नहीं है।
 
आईएचएच हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी टी एस लेंग ने कहा है कि वह सभी विकल्पों का आकलन कर रहे हैं और इस मसले पर शेयरधारकों के फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा था कि बोर्ड के फैसले के बाद वह पहले ही बड़े पोर्टफोलियो निवेशक तक पहुंच चुके हैं और इन्होंने आईएचएच के साथ सहानुभूति जताई है।
कीवर्ड fortis, hospital, health,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक