370 अरब रु. की न्यूमेटल की बोली

ईशिता आयान दत्त और वीणा मणि | कोलकाता/नई दिल्ली May 17, 2018 09:46 PM IST

दिवालिया समाधान

एस्सार के लिए पहले दौर में ही आर्सेलरमित्तल की बोली 385 अरब रु. की थी
न्यूमेटल ने दूसरे दौर की बोली खोलने के मामले में एनसीएलएटी का निर्देश मांगा
न्यूमेटल की बोली पहले दौर में 190 अरब रुपये की थी

वीटीबी के समर्थन वाली न्यूमेटल ने आज नैशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) में खुलासा किया कि एस्सार स्टील के लिए दूसरे दौर में इसकी बोली 370 अरब रुपये की है, जो पहले दौर की 190 अरब रुपये की पेशकश के मुकाबले करीब दोगुनी और आर्सेलरमित्तल के पहले दौर की बोली के मुकाबले 15 अरब रुपये कम है। न्यूमेटल का प्रतिनिधित्व करते हुए वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि अधिकतम कीमत के लिए दूसरे दौर की बोली खोली जानी चाहिए और कहा कि इसकी दूसरी पेशकश 370 अरब रुपये की है। एस्सार के लिए न्यूमेटल की पहली पेशकश 190 अरब रुपये की थी।

पहले दौर में आर्सेलरमित्तल की बोली 385 अरब रुपये की थी, जिसमें सुरक्षित लेनदारों को 305 अरब रुपये का भुगतान और 80 अरब रुपये की पूंजी शामिल है। एस्सार ने स्वीकार किया है कि उसके वित्तीय दावे 490 अरब रुपये के हैं। आर्सेलरमित्तल के सूत्रों ने कहा, आर्सेलरमित्तल के पहले दौर की बोली न्यूमेटल के दूसरे दौर की बोली से ज्यादा है और अगर इस पेशकश में उत्तम गैल्वा व केएसएस पेट्रोन के मामले में इसकी पेशकश को जोड़ दिया जाए तो यह और ज्यादा हो जाएगी। अगर उस आंकड़ों को जोड़ा जाए तो कुल रकम 455 अरब रुपये होगी।

आर्सेलरमित्तल ने उत्तम गैल्वा व केएसएस पेट्रोन के बकाए के भुगतान के लिए एसबीआई के एस्क्रो खाते में 70 अरब रुपये जमा कराए हैं। आर्सेलरमित्तल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्रिब्यूनल को इस बारे में सूचित किया और कहा कि भुगतान के बाद दूसरे दौर की बोली निष्फल हो गई है। आर्सेलरमित्तल की पेशकश तभी कारगर होगी जब कंपनी को कामयाब व योग्य बोलीदाता घोषित किया जाए। एस्सार की लेनदारों की समिति के वकील भी आज एनसीएलएटी में थे, जो आर्सेलरमित्तल की 70 अरब रुपये की पेशकश पर निर्देश चाह रहे थे।

सीओसी ने इस बारे में लिखित पत्र सौंपा है। अगली सुनवाई 22 मई को होगी। सीओसी ने एनसीएलटी के अहमदाबाद पीठ के आदेश का पालन किया और न्यूमेटल व आर्सेलरमित्तल को एक साल से ज्यादा अवधि वाली गैर-निष्पादित आस्तियों से जुड़े बकाए के भुगतान के लिए सात दिन का समय दिया था ताकि वे बोली के योग्य बन जाएं। न्यूमेटल को कंसोर्टियम में रेवंत रुइया से जुड़े बकाए का भुगतान करने को कहा गया था। रेवंत रुइया रवि रुइया के बेटे हैं, जो एस्सार के प्रवर्तक हैं। न्यूमेटल को सभी कंपनियों का बकाया चुकाने को कहा गया था जो एक साल से ज्यादा समय से एनपीए के तौर पर वर्गीकृत हुई हैं।

इसी तरह आर्सेलरमित्तल को उत्तम गैल्वा व केएसएस पेट्रोन का बकाया चुकाने को कहा गया था। दोनों कंपनियां एक साल से ज्यादा समय से एनपीए वर्गीकृत हुई हैं। आर्सेलरमित्तल ने उत्तम गैल्वा व केएसएस पेट्रोन के शेयर बेच दिए थे, लेकिन एनसीएलटी पीठ ने पाया कि यह अपात्रता दूर करने के लिए काफी नहीं है। वेदांत के अनिल अग्रवाल कहते रहे हैं कि उनकी बोली खोली जानी चाहिए। कंपनी ने एस्सार के सीओसी को भी लिखा है। एनसीएलएटी के दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि एनसीएलटी के अहमदाबाद पीठ कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस की अवधि में इजाफा कर सकता है। एस्सार के लिए 270 दिन की अवधि 28 मई को समाप्त हो रही है।
कीवर्ड New Metals, Inc, VTB,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक