टाटा के खिलाफ भूषण स्टील के प्रवर्तक की एनसीएलएटी में अपील

भाषा |  May 17, 2018 09:47 PM IST

नैशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) भूषण स्टील के प्रवर्तक नीरज सिंघल द्वारा कंपनी के टाटा स्टील द्वारा अधिग्रहण के खिलाफ दायर अपील पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा। सिंघल ने दिवाला एवं शोधन अक्षमता प्रक्रिया के तहत टाटा स्टील की तरफ से कंपनी के अधिग्रहण के लिए बोली को स्वीकार करने के नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के आदेश को चुनौती दी है।  इस याचिका का उल्लेख एनसीएलएटी की चेयरमैन न्यायमूर्ति एस जे मुखोपाध्याय की अगुआई वाली पीठ के समक्ष उल्लेख किया गया। उन्होंने इस याचिका को सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। सिंघल ने अपीलीय न्यायाधिकरण से कंपनी की शेयरधारिता पर भी यथास्थिति बनाए रखने की अपील की है। सिंघल के पास भूषण स्टील की करीब 22 फीसदी हिस्सेदारी है। 

एनसीएलटी ने 15 मई को भूषण स्टील के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा पेश निपटान योजना को मंजूरी दी थी। इसमें टाटा स्टील सबसे बड़ी बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी थी। कंपनी की लेनदारों की समिति (सीओसी) ने 32,500 करोड़ रुपये और साथ में 12.27 फीसदी टाटा स्टील की इक्विटी पेशकश को स्वीकार किया था। 

इलेक्ट्रोस्टील के लिए रेनेसांस की याचिका स्वीकार 

नैशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल ने कर्ज के बोझ से दबी इलेक्ट्रोस्टील के लिए वेदांत की बोली को चुनौती देने वाली रेनेसांस स्टील की याचिका गुरुवार को स्वीकार कर ली। न्यायाधिकरण के चेयरमैन न्यायमूर्ति एस जे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस याचिका को स्वीकार कर लिया और मामले को 28 मई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। रेनेसा स्टील की अर्जी को इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स के सीओसी ने खारिज कर दिया था।
कीवर्ड bhusan steel, NCLT, tata,

  
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