डर्मा ब्रांडों का सबसे ज्यादा दवाएं पेश करने पर जोर

सोहिनी दास | अहमदाबाद May 18, 2018 09:50 PM IST

पिछले 12 महीनों में भारतीय दवा बाजार में लॉन्च हुए 2,394 ब्रांडों में डर्मेटोलॉजी सेगमेंट 320 दवाओं की पेशकश के साथ सबसे आगे रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि चूंकि दवा कंपनियां ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) सेगमेंट, डर्मेटोलॉजी जैसे थेरेपी और विटामिन-मिनरल्स जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं इसलिए नए उत्पादों की पेशकश के संदर्भ में तेजी दिख रही है। बाजार शोध फर्म एआईओसीडी अवाक्स से प्राप्त आंकड़ों में कहा गया है कि डर्मेटोलॉजी में 320 लॉन्च, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सेगमेंट में 283 और उसके बाद विटामिंस-मिनरल्स-न्यूट्रिएंट्ïस सेगमेंट में 251 लॉन्च दर्ज किए गए। पिछले 12 महीने में एंटी-इन्फेक्टिव्स में भी 251 लॉन्च दर्ज किए गए।

 
दवा कंपनियों ने ओटीसी श्रेणी पर देर से अपना ध्यान केंद्रित किया है और विश्लेषकों का मानना है कि यही मुख्य वजह है कि डर्मेटोलॉजी, विटामिंस, पैन एंड एनालजेसिक्स जैसे थेरेपी सेगमेंटों में बड़ी तादाद में उत्पाद पेशकशें दर्ज की गई हैं। निकोलस हॉल 2017 की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय ओटीसी 9 प्रतिशत की सालाना वृद्घि के साथ बाजार वर्ष 2026 तक 441.1 अरब रुपये के आंकड़े को पार कर सकता है।  अहमदाबाद की इस कंपनी की डर्मेटोलॉजी सेगमेंट में अच्छी उपस्थिति है। कंपनी ने कहा है कि टॉपिकल क्रीम्स आदि का इस्तेमाल बढ़ रहा है और इन्हें कई बार ओटीसी दवाओं के तौर पर बेचा गया है। कंपनी ने कहा है, 'उदाहरण के लिए, त्वचा की शुष्कता और इस पर खुजली होने की समस्या के उपचार में तेजी आई है और उपभोक्ता सीधे तौर पर इन दवाओं की खरीदारी केमिस्ट से कर रहे हैं। हालांकि ये प्रिस्क्रिप्शन दवाएं हैं। अवसर को ध्यान में रखते हुए कई कंपनियों ने इस सेगमेंट में नए लॉन्च की योजना बनाई है।'
 
वैक्सीन्स (18.2 प्रतिशत), डर्मेटोलॉजी (12.3 प्रतिशत), एंटी-डायबेटिक्स (14 प्रतिशत) और सेक्स स्टिमुलेंट्ïस (10.4 प्रतिशत) वर्ष 2017 में सबसे तेजी से बढ़ी श्रेणियों में शामिल रहीं।  इस सेगमेंट में अच्छी वृद्घि को देखते हुए निजी इक्विटी फर्म क्रिसकैपिटल ने चेन्नई स्थित स्किनकेयर उत्पाद कंपनी क्यूरेशियो हेल्थकेयर में अल्पांश हिस्सेदारी खरीदी।  कुछ महीने पहले ल्यूपिन ने ओटीसी सेगमेंट में प्रवेश किया था और तब उसने ओटीसी उत्पाद के तौर पर अपने 34 वर्ष पुराने ब्रांड सॉफ्टोवैक को पुन: लॉन्च किया।  पिछले साल नवंबर में टॉरंट फार्मा ने यूनिकेम लैब का भारतीय व्यवसाय खरीदा जिसमें यूनिंजाइम जैसे लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं। वहीं नंदिनी पीरामल के नेतृत्व वाले कंज्यूमर प्रोडक्ट डिवीजन ने हाल में डिजिप्लेक्स का अधिग्रहण किया है। 
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