मंदी की ओर बढ़ा निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स

समी मोडक | मुंबई May 21, 2018 09:39 PM IST

एक अरब डॉलर के बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों के प्रदर्शन की माप वाला निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स मंदी वाले क्षेत्र की ओर बढ़ गया है। यह सूचकांक मध्य जनवरी में सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा था और उसके मुकाबले अभी 20 फीसदी नीचे है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स मई में 9 फीसदी से ज्यादा फिसला है और पिछले 18 महीने में सबसे बड़ी मासिक गिरावट की ओर बढ़ रहा है। 1.5 अरब डॉलर से लेकर 4 अरब डॉलर के बाजार  पूंजीकरण वाली कंपनियों के समूह निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स की हालत भी समान रूप से खराब है। जनवरी के सर्वोच्च स्तर से यह 15 फीसदी नीचे है और इस महीने 8.5 फीसदी टूटा है। 
 
बेंचमार्क निफ्टी का प्रदर्शन स्मॉलकैप व मिडकैप के प्रदर्शन पर पड़े असर को छुपा रहा है। इस महीने निफ्टी में महज दो फीसदी की गिरावट आई है और अपने सर्वोच्च स्तर से यह महज पांच फीसदी नीचे आया है। बाजार में बिकवाली हालांकि काफी गंभीर है कि एनएसई पर कारोबार वाली 1759 कंपनियों में से 185 इस साल अपनी आधी कीमत से ज्यादा गंवा चुकी हैं। एनएसई पर सूचीबद्ध करीब 60 फीसदी शेयर अपनी एक तिहाई कीमत गंवा चुका है। एलारा सिक्योरिटीज के प्रमुख (संस्थागत इक्विटी रिसर्च) रवि मुत्थुकृष्णन ने कहा, आर्थिक हालात खराब होने के चलते निवेशक सुरक्षित ठिकाने की ओर बढ़ रहे हैं।
 
इक्विटी म्युचुअल फंडों की तरफ से शेयरों के मामले में नए नियमों के अनुपालन का भी इस गिरावट पर आंशिक असर पड़ा है। लेकिन विशेषज्ञों ने कहा कि रुपये में कमजोरी, बॉन्ड के प्रतिफल में इजाफा और तेल की बढ़ती कीमतों आदि से निवेशक परेशान हुए हैं। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में शामिल 10 अग्रणी शेयर 15 जनवरी से अब तक 40 फीसदी से ज्यादा गंवा चुके हैं जब इंडेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा था। रिलायंस नेवल, हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन और रिलायंस कम्युनिकेशंस में 60-60 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स के भागीदारों में और ज्यादा गिरावट आई है। वक्रांगी, पीसी ज्वैलर और अदाणी पावर में क्रमश: 89 फीसदी, 72 फीसदी और 53 फीसदी की गिरावट आई है।
 
उन्होंंने कहा, लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप व स्मॉलकैप का प्रीमियम मूल्यांकन काफी ज्यादा था। हमें उम्मीद थी कि प्रीमियम में काफी गिरावट आएगी। अब हम ऐसा देख रहे हैं। मुत्थुकृष्णन ने कहा, हमें मिडकैप में और गिरावट की संभावना दिख रही है क्योंंकि निवेशक लार्जकैप की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि हमें इस क्षेत्र को पूरी तरह दरकिनार नहीं करना चाहिए। हालिया गिरावट अच्छे मिडकैप शेयरों की खरीद का मौका भी मुहैया करा रहा है।
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