दिवालिया कानून में संशोधन करेगा कैबिनेट!

वीणा मणि | नई दिल्ली May 22, 2018 09:48 PM IST

बुधवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में दिवालिया और ऋणशोधन संहिता (आईबीसी) में संशोधन पर विचार हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि सरकार की योजना इन बदलावों को अध्यादेश के जरिए लागू करने की है क्योंकि अभी संसद का सत्र नहींं चल रहा है। विभिन्न हितधारकों के बीच बांटे गए मसौदा नोट में कहा गया है, सरकार घर के खरीदारों को दिवालिया फर्मों में वित्तीय लेनदारों के कानूनी अधिकार के समान अधिकार देने पर विचार कर रही है। इसकी सिफारिश एक समिति ने भी की है, जिसकी स्थापना दिवालिया कानून की समीक्षा करने के लिए हुई है। इसकी अध्यक्षता कंपनी मामलों के सचिव इंजेटि श्रीनिवास कर रहे हैं। समिति ने अपने सुझाव में कहा था कि दिवालिया कानून की धारा 29 ए की सख्ती कम होनी चाहिए, जो दिवालिया कंपनियों के लिए बोली लगाने से रोकती है। सूत्रों ने कहा कि केंद्र भी इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
 
यह पाबंदी उन्हें रोकने के लिए थी, जो कंपनी के साथ सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। वित्तीय फर्मों को संबंधित पक्षकार नहीं माना जाएगा। पहले अध्यादेश के जरिए सरकार ने एक साल से ज्यादा समय वाली एनपीए के प्रवर्तकों, इरादतन चूककर्ताओं और उनसे जुड़े किसी व्यक्ति तरफ से समाधान योजना पेश करने पर रोक लगाई थी। यह कदम सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था कि दिवालिया समाधान का सामना कर रही कंपनियों के प्रवर्तक कंपनी पर दोबारा नियंत्रण न हासिल कर पाएं। अब आने वाला अध्यादेश छोटे व मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए अलग ढांचा सामने रखेगा।
 
समिति ने यह भी सुझाया था कि अधिनियम के तहत तेजी से निपटान वाले दिवालिया प्रावधान को वापस लिया जाए, जिसके पास दिवालिया मामलों के समाधान के लिए कम वक्त है। इससे जुड़े प्रावधान इस इरादे के साथ अधिसूचित किए गए थे कि इससे स्टार्टअप व छोटे उद्यमों को लाभ मिलेगा और वे आसानी से बाहर निकल पाएंगे। सूत्रों ने कहा कि सरकार इस सुझाव पर विचार नहीं कर रही है।
कीवर्ड IBC, code, IBBI, NCLT, RBI,

  
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