वैश्विक चिंताओं से रुपया, शेयर धड़ाम

बीएस संवाददाता | मुंबई May 23, 2018 09:59 PM IST

डॉलर के मुकाबले रुपया 18 महीने के निचले स्तर पर 
आने वाले महीने में 70 के स्तर तक फिसलने की आशंका
सेंसेक्स, निफ्टी दोनों में 1-1 प्रतिशत की गिरावट
डॉलर में मजबूती से भारत सहित दुनिया के तेजी से उभरते बाजारों में बिगड़ रहे हैं हालात

देसी बाजार में बुधवार को रुपया और शेयर औंधे मुंह गिरे। इटली, तुर्की और उत्तर कोरिया से जुड़ी चिंताओं के कारण अमेरिकी मुद्रा डॉलर मजबूत हुआ, जिसके असर से भारतीय बाजार बच नहीं पाए। राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच इटली के यूरो क्षेत्र से निकलने की आशंका के मद्देनजर निवेशकों ने जोखिम भरी परिसंपत्तियों से निवेश निकालना शुरू कर दिया।

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार के मुद्दे पर मतभेद कायम रहने और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच आगामी 12 जून को प्रस्तावित सम्मेलन पर खतरा मंडराने से भी बाजार खौफजदा दिखा। तुर्की की मुद्रा लीरा में तेज गिरावट के बाद ज्यादातर तेजी से उभरते बाजारों की मुद्राओं में गिरावट देखी गई।

वैश्विक मुद्राओं की तुलना में डॉलर के प्रदर्शन पर नजर रखने वाले डॉलर इंडेक्स 2018 में पहली बार 94 के पार निकल गया। यूरो और पौंड में भी गिरावट देखी गई। तमाम वैश्विक परिस्थितियों से रुपया भी सहम गया और यह 0.6 प्रतिशत फिसलकर 18 महीने के निचले स्तर 68.42 पर आ गया। 28 अगस्त 2013 में रुपया डॉलर के मुकाबले 68.85 रुपये पर आ गया था, जो इसका सबसे निचला स्तर था।

मौजूदा परिस्थितियों में रुपया इसी स्तर की ओर बढ़ता दिख रहा है। 2018 के उच्चतम स्तर 63.37 प्रतिशत के मुकाबले रुपये में अब तक 8 प्रतिशत गिरावट आ चुकी है। रुपये के साथ बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और एनएसई निफ्टी दोनों में 1 प्रतिशत गिरावट देखी गई। बाजार में धातु और ऊर्जा शेयरों में जमकर बिकवाली देखी गई।

इस गिरावट पर मिजुओ बैंक में इंडिया स्ट्रैटेजिस्ट तीर्थंकर पटनायक ने कहा,'दुनिया भर के तेजी से उभरते बाजारों में सिहरन दिख रही है। विभिन्न जोखिमों की आशंका से आने वाले दिनों में और तेज गिरावट देखी जा सकती है। घरेलू मोर्चे पर व्यापार और चालू खाते का घाटा बढऩे की वजह से हालात बिगड़ रहे हैं।'

सेंसेक्स 306 अंकों की गिरावट के साथ 34,344.90 अंक पर बंद हुआ, जो पिछले एक महीने का निचला स्तर है। निफ्टी भी 106 अंक लुढ़क कर 10,430 अंक पर बंद हुआ। इस तरह 2018 में अब तक हासिल सारी बढ़त इसने गंवा दी। टाटा स्टील और ओएनजीसी के शेयरो में क्रमश: 6.6 प्रतिशत और 4.8 प्रतिशत गिरावट देखी गई। दूसरे बड़े शेयरों एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज दोनों में 1 प्रतिशत से अधिक गिरावट देखी गई और इन दोनों ने मिलकर सेंसेक्स को 100 अंक नीचे खींच लिया। मुद्रा सलाहकारों को आशंका है कि रुपया आने वाले महीनों में 70 के स्तर पर पहुंच सकता है।

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