'एमआरपीएल और एचपीसीएल का विलय चालू वित्त वर्ष में होगा'

एजेंसियां | नई दिल्ली May 23, 2018 10:09 PM IST

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) चालू वित्त वर्ष में मंगलूर रिफाइनरी ऐंड पेट्रोकेमिकल्स (एमआरपीएल) का अधिग्रहण पूरा करना चाहती है। कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश कुमार सुराणा ने कहा कि इस विलय से कई परिचालन में तालमेल बढ़ेगा। देश की सबसे बड़ी तेल एवं गैस उत्पादक तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने इसी साल एचपीसीएल का 36,915 करोड़ रुपये में अधिग्रहण पूरा किया था। इस अधिग्रहण के बाद ओएनजीसी के पास दो तेल रिफाइनिंग सहायक एचपीसीएल और एमआरपीएल होंगी। यह दोनों रिफाइनिंग इकाइयों को एक छत के नीचे लाने का प्रयास है। सुराणा ने कहा कि एमआरपीएल जैसी एक और रिफाइनरी कारोबारी रूप से कोई अच्छा कदम नहीं है। 
 
उल्लेखनीय है कि एचपीसीएल जितना पेट्रोलियम का उत्पादन करती है, उससे ज्यादा बेचती है। एमआरपीएल की डेढ़ करोड़ टन सालाना की रिफाइनरी उसके पास आने के बाद इस अंतर की भरपाई की जा सकेगी। अभी तक इसकी भरपाई एचपीसीएल अन्य रिफाइनरियों से खरीद के जरिए पूरा करती है।  एचपीसीएल इसका अधिग्रहण या तो एमआरपीएल में ओएनजीसी की हिस्सेदारी खरीदकर (जो आज के भाव पर करीब 12,300 करोड़ रुपये है) या शेयर की अदलाबदली के जरिए कर सकती है, जहां ओएनजीसी के पास एचपीसीएल की और हिस्सेदारी होगी जो एमआरपीएल पर नियंत्रण त्यागने के ऐवज में मिलेगी। तीसरा विकल्प और ज्यादा प्राथमिकता वाला दोनों का एकीकरण है। सुराना ने कहा, इसके तरीके निकाले जाएंगे और समय पर निदेशक मंडल के सामने रखा जाएगा। ओएनजीसी की योजना एचपीसीएल को एक स्वतंत्र सूचीबद्ध कंपनी बनाए रखने की है, जिसके बैनर तले इसकी सभी डाउनस्ट्रीम इकाइयों को एकीकृत किया जा सकता हो।
 
वेंकटेश एमआरपीएल के एमडी 
 
एम वेंकटेश को मंगलूर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स (एमआरपीएल) का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। कार्मिक मंत्रालय के बुधवार को जारी आदेश में यह जानकारी दी गई है। वेंकटेश फिलहाल एमआरपीएल में निदेशक (रिफाइनरी) हैं। 
कीवर्ड HPCL, MRPL, ONGC,

  
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