डेरिवेटिव ट्रेडिंग में आसान होंगे म्युचुअल फंडों के लिए नियम

पवन बुरुगुला | मुंबई May 24, 2018 09:50 PM IST

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) डेरिवेटिव बाजार में म्युचुअल फंडों की भागीदारी के लिए नियम आसान बनाने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, नियामक की योजना निवेश की सीमा बढ़ाने और देसी फंडों को ऑप्शंस बेचने की अनुमति देने की है। डेरिवेटिव में म्युचुअल फंडों को निवेश की अनुमति देने के मामले में अभी तक सेबी ने सतर्कता भरा रवैया अपनाया है क्योंकि इस परिसंपत्ति वर्ग को उच्च जोखिम वाला माना जाता है। अभी इक्विटी डेरिवेटिव में म्युचुअल फंडों के निवेश पर कई तरह की पाबंदी है। 
 
उदाहरण के लिए मौजूदा नियम म्युचुअल फंडों को सिर्फ हेजिंग के मकसद से डेरिवेटिव में निवेश की अनुमति देता है। हेजिंग के मकसद से म्युचुअल फंडों की तरफ से निवेश की सीमा इक्विटी निवेश से ज्यादा नहीं हो सकती, जिसके लिए हेजिंग की गई है। म्युचुअल फंडों को ऑप्शंस की बिक्री की अनुमति नहीं है और कुल इक्विटी, डेट और डेरिवेटिव में म्युचुअल फंडों में निवेश उनकी प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों की कीमत से ज्यादा नहीं हो सकती। लेकिन नकदी में सुधार और निपटान की स्थिर व्यवस्था के चलते बाजार नियामक का मानना है कि डेरिवेटिव बाजार में म्युचुअल फंडों को थोड़े और निवेश और अनुमति दी जा सकती है।
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