लाल निशान में म्युचुअल फंडों की ज्यादातर लार्जकैप योजनाएं

जयदीप घोष और संजय कुमार सिंह | नई दिल्ली May 25, 2018 09:58 PM IST

साल 2018 की शुरुआत म्युचुअल फंड निवेशकों के लिए अच्छी नहीं रही है। दो तिहाई लार्जकैप योजनाओं का रिटर्न लाल निशान में है। वैल्यू रिसर्च के मुताबिक डायरेक्ट प्लान व एक्सचेंज ट्रेडेड फंड समेत 204 लार्जकैप योजनाओं में से 138 का रिटर्न नकारात्मक रहा है। लार्जकैप फंडों का औसत रिटर्न 2 फीसदी नकारात्मक रहा है। इसकी तुलना में बीएसई सेंसेक्स इस अवधि में 1.7 फीसदी चढ़ा है। निफ्टी-50 भी मामूली यानी 0.1 फीसदी ऊपर है। लार्जकैप फंड सामान्य तौर पर निवेशक के पोर्टफोलियो का मुख्य हिस्सा होता है। निवेश विशेषज्ञों ने कहा कि प्रदर्शन में कमजोरी की मुख्य वजह यह है कि कई फंड मैनेजरों ने मिडकैप व स्मॉलकैप शेयरों में आक्रामकता के साथ निवेश किया है। 
 
सुंदरम म्युचुअल फंड के मुख्य निवेश अधिकारी (इक्विटी) एस कृष्णकुमार ने कहा, पिछले चार सालों में कई लार्जकैप फंडों ज्यादा जोखिम उठाया है और अपने पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा मिडकैप व स्मॉलकैप को आवंटित किया है। इन चीजों ने साल कैलेंडर वर्ष 2016 व 2017 में प्रदर्शन में मदद की और उन्हें समकक्ष व बेंचमार्क को मात देने में सक्षम बनाया। निफ्टी बेंचमार्क में सिर्फ लार्जकैप हैं, लेकिन कई लार्जकैप फंडों का पोर्टफोलियो में 25-30 फीसदी मिडकैप व स्मॉलकैप हैं। उनके मुताबिक, मिडकैप व स्मॉलकैप में साल की शुरुआत से अब तक तेज गिरावट आई है, लिहाजा उनके पोर्टफोलियो का प्रदर्शन कमजोर है। दिलचस्प यह है कि कई योजनाएं अल्पावधि में 5 से 16 फीसदी तक फिसल चुकी हैं, जो संकेत देता है कि फंड मैनेजरों के कुछ बड़े दांव गलत रहे हैं। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट एडवाइजर के निदेशक व प्रबंधक (रिसर्च) कौस्तुभ बेलापुरकर ने कहा, रिटर्न के मामले में इस साल अब तक बेंचमार्क के मुकाबले कई लार्जकैप फंडों के कमजोर प्रदर्शन की खास वजह है।
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