एफएमसीजी फंडों पर कैसे लगाएं दांव

संजय कुमार सिंह |  May 27, 2018 11:25 PM IST

अगर आप रोजमर्रा के सामान (एफएमसीजी) क्षेत्र के सेक्टर फंडों का बीते वर्षों का प्रतिफल देखें तो यह बहुत शानदार रहा है। अगर इन फंडों का सालाना प्रदर्शन भी देखते हैं तो वह भी इतना ही आकर्षक है। इन फंडों ने केवल 2008 को छोड़कर हर साल धनात्मक प्रतिफल दिया है। हाल के वर्षों में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और दवा क्षेत्र पस्त पड़ रहे हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए केवल एफएमसीजी ही एक ऐसा क्षेत्र बच जाता है, जो उन्हें बाजार में गिरावट के समय सुरक्षा दे सकता है। 

 एफएमसीजी फंडों के शानदार प्रदर्शन में कई कारकों का योगदान है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एफएमसीजी फंड के फंड प्रबंधक अतुल पटेल ने कहा, 'एफएमसीजी क्षेत्र की अब तक आमदनी वृहद बाजार के अनुपात में बढ़ी है, जिससे उसे मदद मिली है। ग्रामीण वृद्धि, वितरण दायरे के विस्तार, कच्चे माल के दाम अनुकूल होने, ज्यादातर कंपनियों के लागत कम करने के िलए उठाए गए कदमों और जीएसटी लाभों से इस क्षेत्र की आमदनी में इजाफा हुआ है। इस क्षेत्र में करीब 15 फीसदी बढ़ोतरी हुई है।' 

उन्होंने कहा कि अन्य कोई विकल्प नहीं होने से भी इस क्षेत्र को मदद मिली है क्योंकि कारोबारी चक्रों के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों की आमदनी में सुधार नहीं आया है। एफएमसीजी क्षेत्र में कुछ खंडों ने अन्य से बेहतर प्रदर्शन किया है। पैकेटबंद खाद्य और पेय उद्योग में वृद्धि की काफी गुंजाइश है क्योंकि अभी उनकी पहुंच एवं प्रति व्यक्ति उपभोग सीमित है और ग्रामीण आकांक्षाएं बढ़ रही हैं। 

पटेल कहते हैं कि इस खंड की कंपनियों ने होम और पर्सनल केयर खंड की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। इसकी वजह यह है कि होम एवं पर्सनल केयर खंड की पहुंच पहले ही व्यापक है। 

 इस क्षेत्र के शानदार प्रदर्शन की एक मुख्य वजह इसका आर्थिक और बाजार मंदी के दौरान कम प्रभावित होना है। आमतौर पर एफएमसीजी कंपनियां के प्रदर्शन में स्थायित्व होता है और उनकी नकदी आवक लगातार बनी रहती है। इसके अलावा उनकी बैलेंस शीट कर्ज से मुक्त होती है। उनमें मुक्त नकदी आवक अधिक और इक्विटी पर प्रतिफल भारी कर्ज में दबी कारोबारी चक्रों के प्रति संवेदनशील कंपनियों की तुलना में अधिक होता है। उनकी आमदनी में कम उतार-चढ़ाव उन्हें मंदडि़ए बाजार में अच्छा रक्षात्मक दांव बनाता है। 

आपका ज्यादातर निवेश डायवर्सिफाइड इक्विटी फंडों में होना चाहिए। किसी सेक्टर फंड में ज्यादा से ज्यादा 5 फीसदी निवेश करना चाहिए। इन फंडों में केवल उन्हीं निवेशकों को निवेश करना चाहिए, जिन्हें उस क्षेत्र की समझ है। इन फंडों में निवेश के लिए बड़ा जोखिम लेने की क्षमता और घाटे से बचने के लिए कम से कम 7 साल के लिए निवेश करने की जरूरत होती है।

कीवर्ड एफएमसीजी, सूचना प्रौद्योगिकी, आईटी,

  
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