बीएसई मिडकैप की सबसे बड़ी मासिक गिरावट

दीपक कोरगांवकर और पुनीत वाधवा | मुंबई/नई दिल्ली May 31, 2018 09:49 PM IST

मई में बेचकर दूर निकल जाने की कहावत इस बार मिडकैप शेयरों के लिए सही साबित हुई है क्योंंकि एसऐंडपी बीएसई मिडकैप इंडेक्स ने पिछले 18 महीने में सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज की है। ऑटोमोबाइल, दवा, बिजली व वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में तीव्र गिरावट की पृष्ठभूमि में यह प्रदर्शन देखने को मिला है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स मई 2018 में 5.9 फीसदी टूटा है। इसकी तुलना में एसऐंडपी बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में 6.3 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है जबकि बेंचमार्क एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स 0.5 फीसदी चढ़ा है।

 
नवंबर 2016 में मिडकैप इंडेक्स 7.2 फीसदी फिसला था, वहीं स्मॉलकैप इंडेक्स 9.2 फीसदी टूट गया था जब नरेंद्र मोदी सरकार ने अचानक बड़े नोट के चलन पर पाबंदी लगा दी थी। एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स नवंबर 2016 में 4.6 फीसदी टूटा था। जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के प्रमुख (निवेश रणनीतिकार) गौरांग शाह ने कहा, आय के मोर्चे पर निराशा देखने को मिली है। म्युचुअल फंड भी अपना निवेश निकाल रहे हैं। इन वजहों से मिडकैप शेयरों में तेज गिरावट आई है। इन क्षेत्रों में निवेश के मामले में हमें सतर्क रहना चाहिए। अगर आय में सुधार नहीं हुआ तो हमें कुछ शेयरों की कीमतों में गिरावट की संभावना दिख रही है।
 
इस इंडेक्स में शामिल 100 शेयरों में से 80 शेयरों ने मई में नकारात्मक रिटर्न दर्ज किया है। इन 80 शेयरों में 48 शेयरों ने माह के दौरान 67 फीसदी की गिरावट के साथ कमजोर प्रदर्शन किया है। वित्तीय क्षेत्र के 8 शेयर मसलन आईडीएफसी बैंक, मुथूट फाइनैंस, पीएनबी हाउसिंग फाइनैंस, फेडरल बैंक, एलआईसी हाउसिंग फाइनैंस, चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट ऐंड फाइनैंस कंपनी, रिलायंस निप्पॉन लाइफ ऐसेट मैनेजमेंट और श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनैंस माह के दौरान 10 से 16 फीसदी नीचे रहे। विश्लेषकों ने कहा कि ज्यादातर पीएसयू बैंकों में गिरावट मार्च तिमाही के उनके नतीजे के चलते हुई। 
 
इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक व प्रबंध निदेशक जी चोकालिंगम ने कहा, कई पीएसयू बैंकों ने प्रावधान के नियम आदि में बदलाव के चलते नुकसान दर्ज किया है। कुछ पीएसयू बैंकों की हैसियत काफी कम हो गई है, जो संकट का सामना कर सकते हैं, लेकिन यह बैंकिंग उद्योग या अर्थव्यवस्था को शायद नीचे नहीं खींच पाएगा। एनबीएफसी ने मुनाफावसूली देखी क्योंकि इनके शेयर पिछले महीनों में काफी तेजी से बढ़े थे। वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में निवेश के लिए हमारी सलाह निचले स्तर पर खरीदारी की है। अजंता फार्मा, डिवीज लैब व वॉकहार्ट के अलावा भारत फोर्ज, अशोक लीलैंड व टीवीएस मोटर कंपनी के शेयरों के अलावा वाहन कलपुर्जा कंपनियों के शेयर 10 से 18 फीसदी तक टूटे।
कीवर्ड BSE, share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक