विदेशी फंडों से समझौता करेगी एमईपी इन्फ्रा

ज्योति मुकुल | नई दिल्ली Jun 03, 2018 09:44 PM IST

हाइब्रिड एन्युटी क्षेत्र में प्रमुखता से काम कर रही मुंबई की एमईपी इन्फ्रा राजमार्गों के टीओटी (टोल ऑपरेट ट्रांसफर) मॉडल पर काम करने की योजना बना रही है। इसके लिए कंपनी सिंगापुर या ब्रिटेन के फंड से समझौता कर सकती है।  एमईपी के पास इस समय 10 हाइब्रिड एन्युटी परियोजनाएं हैं। कंपनी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की 10 टीओटी परियोजनाओं में से एक अपनी पहली टीओटी परियोजना के रूप में एक छोटे खंड को लेना चाहती है। एमईपी इन्फ्रा के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक जयंत डी महिष्कर ने कहा, 'हम सिंगापुर या ब्रिटेन के बड़े फंडों के साथ समझौता करेंगे। यह समझौता 2 महीने के भीतर अंतिम रूप ले सकता है।'
 
महिष्कर ने कहा कि साझेदारी अलग अलग मामलों के आधार पर होगी, जो वित्तीय निवेशकों की इक्विटी के अनुमानित मुनाफे पर निर्भर है। एमईपी इसके लिए संयुक्त उद्यम बनाएगी, जो परिचालन एवं रखरखाव (ओऐंडएम) और इक्विटी पार्टनरशिप का काम करेगा। उनके मुताबिक टीओटी राजमार्ग में नया मॉडल है, लेकिन ओऐंडएम की अवधारणा पहले से थी। अंतर यह है कि टीओटी के तहत कॉन्ट्रैक्ट की अवधि 25 साल लंबी होगी। उन्होंने कहा, 'हम पहले ही ओऐंडएम और टोल ऑपरेशन परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं, इसलिए टीओटी को लेकर हम ठीकठाक स्थिति में हैं। यह वित्तपोषण की लागत और इस पर निर्भर होता है कि कौन सस्ता वित्तपोषण करेगा।' 
 
महिष्कर ने कहा कि टीओटी मॉडल में चुनौती 20-25 साल की ठेके की अवधि के दौरान राजस्व में टिकाऊ बढ़ोतरी और पूंजी की लागत है। एनएचएआई ने संपत्ति की स्थिति और सड़क के ढांचों पर आंकड़े मुहैया कराए थे। उन्होंने कहा, 'टीओटी के लिए भौगोलिक स्थिति और राजस्व सृजन अहम है।' 2017-18 में एमईपी इन्फ्रा के राजस्व में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 2322 करोड़ रुपये बढ़ा। कंपनी को इस साल के अंत में 7284 करोड़ रुपये की 10 परियोजनाएं मिली हैं, जो हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर हैं।
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