एफपीआई की सुस्त खरीद से टूटा एचडीएफसी बैंक का शेयर

पवन बुरुगुला | मुंबई Jun 04, 2018 09:52 PM IST

बाजार के अनुमान के उलट विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने सोमवार को देश के सबसे मूल्यवान बैंंक एचडीएफसी बैंक के शेयरों की खरीद में कम रुचि प्रदर्शित की, जबकि इसके शेयरों में नई खरीद की गुंजाइश करीब एक साल बाद बनी थी। स्टॉक एक्सचेंजों के आंकड़ों के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक के सिर्फ 1.4 करोड़ शेयरों की डिलिवरी होनी है जबकि 4.36 करोड़ शेयरों की खरीद की गुंजाइश बनी थी। यह मानते हुए कि एफपीआई की सभी खरीद डिलिवरी आधारित थी, तो भी यह उनके लिए उपलब्ध सीमा के एक तिहाई से भी कम है। इस शेयरों की सुस्त मांग के चलते यह 3 फीसदी टूटकर 2,047 रुपये पर बंद हुआ जबकि पिछला बंद भाव 2,110 रुपये रहा था। दिन के सर्वोच्च स्तर 2,170 रुपये के मुकाबले यह शेयर करीब छह फीसदी नीचे आया।
 
कीमत के लिहाज से 90 अरब रुपये के शेयर खरीद के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन सिर्फ 30 अरब रुपये के शेयरों की मांग रही। बाजार में काम करने वालों ने इस उम्मीद में एचडीएफसी बैंक के शेयरों में लॉन्ग पोजीशन बनाई थी कि एफपीआई की तरफ से इसकी खरीद की होड़ से कीमतें बढ़ेंगी। ज्यादातर ट्रेडर गलत दिशा में फंस गए क्योंकि आपूर्ति के मुकाबले मांग कम रही, लिहाजा उनमें से कई को अपने लॉन्ग पोजीशन घटाने को बाध्य होना पड़ा। विशेषज्ञों ने कहा कि एफपीआई की सुस्त मांग निगरानी की नई व्यवस्था के चलते रही, जो उन्हें अतिरिक्त हिस्सेदारी तब बेचने को बाध्य करता जब वे शेयरधारिता की सीमा का उल्लंघन करते। साथ ही एचडीएफसी बैंक का शेयर पिछले पखवाड़े नौ फीसदी तक चढ़ गया था क्योंंकि एफपीआई के निवेश की खिड़की खुलने वाली थी।
 
सोमवार को एनएसई व बीएसई में कुल 2.3 करोड़ शेयरों की खरीद-फरोख्त हुई, जिसमें से डिलिवरी वाले शेयरों का वॉल्यूम करीब 61 फीसदी रहा। इस शेयर का औसत डिलिवरी आधारित वॉल्यूम पिछले एक महीने में करीब 50 फीसदी रहा था। विदेशी ब्रोकरेज के लिए काम करने वाले एक डीलर ने कहा, पिछले 10 दिनों में एचडीएफसी बैंक के शेयर खरीदने वाले कई देसी निवेशक आज ऊंची कीमत पर बेचकर मुनाफावसूली करना चाह रहे थे। हालांकि वे फंस गए क्योंंकि एफपीआई की दिलचस्पी उम्मीद से कम थी। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक के शेयर पर लॉन्ग पोजीशन वाले निवेशक नुकसान घटाने के लिए बाध्य हुए क्योंकि इसके शेयर में मजबूत गिरावट का रुख नजर आया।
 
पिछली बार जब एफपीआई के लिए फरवरी 2017 में इस शेयर की खरीद की खिड़की खुली थी तब इसकी भारी मांग देखी गई थी। केआर चोकसी इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के प्रबंध निदेशक देवेन चोकसी ने कहा, वैश्विक माहौल को देखते हुए अभी एफपीआई की तरफ से भारत में नई खरीदारी में अनिच्छा दिख रही है। साथ ही एचडीएफसी बैंंक के शेयर पर पहले ही भारी प्रीमियम है। बाजार के जानकारों का कहना है कि इस बार एफपीआई अपनी खरीदारी कई दिन में करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो कि कीमत बहुत ज्यादा न बढऩे पाए।एफपीआई के लिए खरीद की यह खिड़की तब तक खुली रहेगी जब तक यह शेयरधारिता 74 फीसदी पर न पहुंच जाए।
कीवर्ड FPI, HDFC, bank,

  
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