मिगलानी ने की उत्तम गैल्वा का पूरा बकाया चुकाने की पेशकश

अद्वैत राव पलेपू और देव चटर्जी | मुंबई Jun 05, 2018 09:52 PM IST

दिवालिया संहिता के तहत नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की कार्यवाही से कंपनी को बचाने के लिए उत्तम गैल्वा स्टील्स लिमिटेड की प्रवर्तक मिगलानी फैमिली ने लेनदारों का पूरा बकाया चुकाने पर सहमति जताई है। मिगलानी फैमिली की पेशकश पर एनसीएलटी बुधवार को सुनवाई करेगा। इस पेशकश से एस्सार स्टील के अधिग्रहण की आर्सेलरमित्तल की योजना को झटका लग सकता है क्योंकि इसने शर्त के साथ उत्तम गैल्वा के बकाए का भुगतान करने की पेशकश की है। कंपनी ने कहा है कि अगर उसे एस्सार स्टील के अधिग्रहण के लिए विजेता घोषित किया जाता है तो वह ऐसा करेगी। एस्सार स्टील एनसीएलटी में दिवालिया प्रक्रिया का सामना कर रही है। उत्तम गैल्वा पर 18 बैंकों का 62 अरब रुपये बकाया है और यह पिछले साल से एनसीएलटी के मुंबई पीठ में दिवालिया प्रक्रिया का सामना कर रही है। हालांकि कंपनी को अभी तक कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया के तहत स्वीकार नहीं किया गया है।
 
अप्रैल में उत्तम गैल्वा के प्रवर्तकों ने लेनदारों को 28.85 अरब रुपये के एकमुश्त भुगतान की पेशकश की थी, लेकिन भारतीय स्टेट बैंंक ने यह कहते हुए पेशकश ठुकरा दी थी कि वह अदालत के बाहर निपटान के लिए तभी राजी होगा जब 100 फीसदी बकाए का भुगतान किया जाएगा। मिगलानी फैमिली के एक सूत्र ने कहा, जो कोई कंपनी पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश करेगा, हम उसके खिलाफ संघर्ष करेंगे। इस पेशकश से मिगलानी फैमिली को कंपनी पर नियंत्रण करने में मदद मिलेगी क्योंकि इन्होंने इस साल फरवरी में सह-प्रवर्तक आर्सेलरमित्तल से कंपनी की 29 फीसदी हिस्सेदारी एक रुपये में वापस खरीद ली थी।
 
आर्सेलरमित्तल ने उत्तम गैल्वा स्टील्स के शेयर इसलिए बेच दिए थे ताकि वह एस्सार स्टील के लिए बोली लगाने के योग्य हो। लेकिन एस्सार स्टील के लिए इसकी पेशकश रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने ठुकरा दी थी क्योंकि वह भारत में दो बैंक डिफॉल्टर की प्रवर्तक थी। आर्सेलरमित्तल की उत्तम गैल्वा में सीधी हिस्सेदारी थी जबकि आर्सेलरमित्तल के प्रवर्तक एल एन मित्तल के पास केएसएस पेट्रोन कजाकिस्तान की 33 फीसदी हिस्सेदारी थी। इस तरह से केएसएस पेट्रोन भारत में भी उसकी हिस्सेदारी हो गई, जो यहां दिवालिया प्रक्रिया का सामना कर रही है।
कीवर्ड Uttam Galva Steels,

  
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