अल्पांश शेयरधारकों ने सेंचुरी-अल्ट्राटेक सौदे पर उठाए सवाल

अमृता पिल्लई | मुंबई Jun 07, 2018 09:56 PM IST

शेयरों की अदला-बदली के जरिए बी के बिड़ला की फर्म सेंचुरी टेक्सलाइल्स के सीमेंट कारोबार के अधिग्रहण के अल्ट्राटेक सीमेंट के हालिया सौदे से हर कोई खुश नहीं है। कुछ अल्पांश शेयरधारकों का मानना है कि उचित बाजार कीमत तक पहुंचने की खातिर इस सौदे को खुली बोली की प्रक्रिया के जरिए अंतिम रूप दिया जा सकता था। दोनों कंपनियों के आला अधिकारियों को भरोसा है कि यह सौदा सही मूल्यांकन पर हुआ है और शेयरधारकों को अंतत: इसकी असली कीमत दिखेगी। 20 मई को अल्ट्राटेक सीमेंट ने कहा था कि वह सेंचुरी टेक्सटाइल्स के सीमेंट कारोबार का अधिग्रहण शेयरों की अदला-बदली के जरिए करेगी। व्यवस्था के तहत कुमार मंगलम बिड़ला की अगुआई वाली अल्ट्राटेक खुद में सेंचुरी टेक्सटाइल्स की 1.34 करोड़ टन सीमेंट क्षमता का विलय करेगी। सेंचुरी टेक्सटाइल्स के चेयरमैन बी के बिड़ला कुमार मंगलम के दादा हैं।
 
दो दिन बाद सेंचुरी टेक्सटाइल्स के कुछ अल्पांश शेयरधारकों ने विश्लेषकों के सामने इसके मूल्यांकन पर चिंता जताई। गोल्डमैन सैक्स के एक प्रतिनिधि ने 22 मई को विश्लेषकों के साथ हुई बैठक के बाद कहा, अल्पांश शेयरधारकों के तौर पर हम इसके मूल्यांकन के खुश नहीं हैं और हमारा मानना है कि प्रबंधन की जिम्मेदारी बनती है कि वह अन्य बोलीदाता से भी बोली मंगाए ताकि परिसंपत्ति की सही बाजार कीमत का पता चल पाए। मार्च 2018 में गोल्डमैन सैक्स इंडिया के पास सेंचुरी टेक्सटाइल्स की 1.25 फीसदी हिस्सेदारी थी। इस बारे में गोल्डमैन सैक्स के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से मना कर दिया।
 
गोल्डमैन सैक्स के प्रतिनिधि अपवाद नहीं हैं। इस बैठक में अल्पांश शेयरधारकों के तौर पर पहचाने गए कम से कम चार अन्य निवेशकों व विश्लेषकों ने इस प्रक्रिया पर चिंता जताई थी। हालांकि सेंचुरी टेक्सटाइल्स व अल्ट्राटेक के अधिकारियों को उम्मीद है कि अल्पांश शेयरधारकों को असली कीमत का पता चलेगा। सेंचुरी टेक्सटाइल्स के प्रवक्ता ने कहा, बोली की प्रक्रिया कर के लिहाज से सही नहीं होती और इसमें वक्त लगता, साथ ही मौजूदा सीमेंट कारोबार के लिए यह अवरोध की तरह होता क्योंकि कर्मचारियों व डीलरों को अनिश्चितता का सामना करना होता। अधिकारी ने कहा कि इस प्रक्रिया में भी उचित कीमत हासिल हुई है। सेंचुरी टेक्सटाइल्स के प्रबंधन ने मीडिया व विश्लेषकों को बताया था कि सीमेंट परिसंपत्तियां पुरानी है, इसका कम इस्तेमाल हुआ है और इसके लिए नए निवेश की दरकार होगी। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि दोनों कंपनियों की संस्कृति एक जैसी है और इस बिक्री से कर्मचारियों के लिए न्यूनतम परेशानी होगी।
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