पुनर्खरीद से टाटा संस को मदद

देव चटर्जी | मुंबई Jun 13, 2018 09:51 PM IST

साल 2007 के बाद पहली बार टाटा संस की योजना विदेश से 1.5 अरब रुपये का कर्ज जुटाने की है, जिससे इसका कर्ज 50 फीसदी बढ़ सकता है। लेकिन कंपनी का कर्ज-इक्विटी अनुपात एक से नीचे बना रहेगा, जिससे कंपनी के लिए रकम जुटाने की पर्याप्त गुंजाइश रहेगी। यह मानना है विश्लेषकों का। इसके अलावा मंगलवार शाम घोषित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के पुनर्खरीद कार्यक्रम से भी टाटा संस को रकम जुटाने में काफी मदद मिलेगी क्योंकि वह सॉफ्टवेयर निर्यातक की अपनी 71.92 फीसदी हिस्सेदारी का एक भाग इसके जरिए बेच पाएगी। बुधवार के भाव पर टीसीएस में टाटा संस की हिस्सेदारी की कीमत 5 लाख करोड़ रुपये रही।
 
टाटा समूह की सभी फर्मों में टीसीएस सबसे ज्यादा लाभांश भी देती है, जिससे होल्डिंग कंपनी को ज्यादा जोखिम लेने में मदद मिलती है। टाटा संस 1.5 अरब डॉलर के कर्ज का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे वाली परियोजनाओं में निवेश ेे लिए करेगी और कर्ज-इक्विटी अनुपात 0.5 से बढ़ाकर 0.8 करेगी। यह कहना है विश्लेषकों का। कंपनी का शुद्ध कर्ज 13 फरवरी 2018 को बढ़कर 219.9 अरब रुपये पर पहुंच गया था और इसके पास नकदी व नकदी समकक्ष करीब 61.3 अरब रुपये का था। 2017-18 के दौरान टीसीएस की पुनर्खरीद के जरिए टाटा संस ने 102.78 अरब रुपये हासिल किए। इससे साल के दौरान उसकी नकदी में इजाफा हुआ, बावजूद इसके कि होल्डिंग कंपनी टाटा टेली के लिए 119 अरब रुपये के नुकसान के लिए प्रावधान कर रही है। टाटा संस ने 2017-18 का पूरा वित्तीय विवरण पेश नहीं किया है। संपर्क किए जाने पर टाटा संस के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से मना कर दिया।
 
हाल मेंं टाटा संस की सहायक को मुंबई से नवी मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक के दो चरण में से एक के निर्माण का काम मिला है। इसके अलावा टाटा संस अगली कुछ तिमाहियों में टाटा टेलीसर्विसेज का कर्ज घटान के लिए भारी निवेश कर सकती है और इससे टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी का कर्ज अल्पावधि में बढ़ेगा और कर्ज व निवेश के बाजार मूल्य का अनुपात भी बढ़ जाएगा। हालांकि यह 15 फीसदी के पार शायद ही जा पाएगा और मध्यम अवधि में यह 10 फीसदी रहने की संभावना है, जिसकी वजह कर्ज के स्तर में कटौती है।
 
टाटा टेली सर्विसेज के कर्ज के भुगतान के अलावा टाटा संस समूह की अन्य सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों की पुनर्खरीद भी कर रही है। समूह के जानकारों के मुताबिक, टाटा टेली के भारती एयरटेल में विलय से पहले टाटा संस को टाटा टेली का कर्ज चुकाने के लिए रकम की दरकार होगी। टाटा टेली एंटरप्राइज कारोबार को बनाए रखेगी। टाटा टेली ने 170 अरब रुपये के कर्ज का भुगतान जनवरी में भारतीय स्टेट बैंक की अगुआई वाले कंसोर्टियम को किया है। भारती के साथ सौदा पूरा होने से पहले उसे बाकी 60 अरब रुपये का भुगतान करना है।
 
टाटा संस को टाटा स्टील की तरफ से होने वाली भूषण स्टील की खरीद के लिए भी रकम देनी है। टाटा स्टील ने भूषण स्टील के अधिग्रहण के लिए 352 अरब रुपये की पेशकश की है। भूषण पावर ऐंड स्टील के लिए भी टाटा स्टील सबसे बड़ी बोलीदाता है। साथ ही उषा मार्टिन के स्टील कारोबार की खरीद के लिए भी उसे 60 अरब रुपये की जरूरत हो सकती है। टाटा स्टील में टाटा संस की हिस्सेदारी 31.64 फीसदी है।
कीवर्ड tata sons, TCS,

  
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