टेक स्टार्टअप की लिस्टिंग होगी आसान

अभिषेक रक्षित | कोलकाता Jun 14, 2018 09:46 PM IST

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज छोटे व मझोले उद्यमों के लिए बनाए गए इमर्ज प्लेटफॉर्म में बदलाव पर विचार कर रहा है ताकि देश में टेक्नोलॉजी स्टार्टअप को आसानी से सूचीबद्ध कराया जा सके। एनएसई के सीईओ विक्रम लिमये के मुताबिक, टेक्नोलॉजी स्टार्टअप की अपनी जरूरतें होती हैं और ये निवेशक के खास वर्ग को आकर्षित करते हैं, यही वजह है कि इमर्ज प्लेटफॉर्म में बदलाव की दरकार है ताकि उनकी जरूरतों को समाहित किया जा सके। इमर्ज प्लेटफॉर्म पर अभी सूचीबद्ध कंपनियां मुख्य रूप से लॉजिस्टिक्स सेवा, मीडिया, वाहन कलपुर्जा, दवा, बुनियादी ढांचा और हॉस्पिटैलिटी व अन्य क्षेत्रों की हैं जबकि तकनीक आधारित कंपनियां मोटे तौर पर चुप हैं।

 
यहां इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की तरफ से आयोजित कार्यक्रम के बाद उन्होंने कहा, अगले 12 महीने में तकनीक क्षेत्र की कंपनियां सूचीबद्ध होंगी जबकि कुच और एसएमई भी सूचीबद्ध होना चाह रही हैं।  वेंचर कैपिटलिस्ट या प्राइवेट इक्विटी निवेशकों की निकासी के लिए स्टार्टअप की सूचीबद्धता अच्छा जरिया है और इससे कंपनी के पास ज्यादा नकदी भी हो जाएगी। इसके अतिरिक्त स्टार्टअप की लिस्टिंग से उन्हें पूंजी की बढ़त, नवोन्मेष और अधिग्रहण आदि में मदद मिल सकती है, साथ ही बैंकों या अन्य निवेशकों से उन्हें ज्यादा कर्ज आदि भी मिल सकता है।
 
एनएसई के मुताबिक इस प्लेटफॉर्म की प्रक्रियाएं व सिस्टम बेहतर हैं, जिससे स्टार्टअप समेत संभावित कंपनियों को सूचीबद्ध होने में मदद मिलती है और इन्हें अच्छे प्रशासन मानकों के साथ तेजी से बढ़ रहने अपने कारोबारों के लिए पूंजी जुटाने का मौका देता है। लिमये के मुताबिक, बढ़त की राह पर चलने वाली कंपनियों (जो इतनी बड़ी न हो कि मुख्य प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध हो सके) के लिए रकम जुटाने की खातिर इमर्ज प्लेटफॉर्म आदर्श जगह है।  इस प्लेटफॉर्म पर 150 से ज्यादा कंपनियां सूचीबद्ध हो चुकी हैं और अनुमानित तौर पर इन कंपनियों ने कुल 22.21 अरब रुपये जुटाए हैं।
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