'संसद भी नहीं दे सकती गिरफ्तारी की अनुमति'

भाषा |  May 16, 2018 10:00 PM IST

उच्चतम न्यायालय ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) अधिनियम पर अपने 20 मार्च के फैसले को सही ठहराते हुए बुधवार को कहा कि संसद भी बिना उचित प्रक्रिया के किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने की अनुमति नहीं दे सकती। न्यायालय ने कहा कि उसने शिकायतों की पहले जांच का आदेश देकर निर्दाेष लोगों के प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों की रक्षा की है।  केंद्र ने फैसले का यह कहते हुए विरोध किया कि अदालतें संसद द्वारा बनाए गए कानून के किसी प्रावधान को हटाने या बदलने का आदेश नहीं दे सकती हैं। 
 
न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति यू यू ललित के पीठ ने कहा, 'अगर हम एकतरफा बयानों के आधार पर किसी निर्दाेष को सलाखों के पीछे भेजने की अनुमति देते हैं तो हम सभ्य समाज में नहीं रह रहे हैं।' पीठ ने मामले पर सुनवाई ग्रीष्मावकाश तक के लिए स्थगित कर दी और कहा कि वह विस्तार से सभी संबंधित पक्षों को सुनेगा।
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