भारतीय कंपनियों की वैश्विक सूचीबद्घता पर समिति गठित

पवन बुरुगुला | मुंबई Jun 12, 2018 09:37 PM IST

बाजार नियामक सेबी ने भारतीय कंपनियों की सूचीबद्घता पर प्रत्यक्ष रूप से नजर रखे जाने के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाई है। मौजूदा ढांचे के तहत कोई घरेलू कंपनी अपने देश के बाजार में सूचीबद्घ हुए बगैर विदेशी एक्सचेंज पर सूचीबद्घ नहीं हो सकती।  9 सदस्यीय इस विशेषज्ञ समिति का घोषणा मंगलवार को की गई और यह इंडियन डिपोजिटरी रिसीट (आईडीआर) मानकों की समीक्षा के लिए भी जिम्मेदार होगी जिससे विदेशी कंपनियों को घरेलू बाजार में पूंजी जुटाने की अनुमति मिलेगी। मौजूदा समय में, स्टैंडर्ड चार्टर्ड पीएलसी एकमात्र सूचीबद्घ आईडीआर है।
 
मेकमाइट्रिप डॉटकॉम के चेयरमैन दीप कालरा, कानूनी फर्म सिरिल अमरचंद मंगलदास के मैनेजिंग पार्टनर सिरिल श्रॉफ, एवेंडस कैपिटल के सह-संस्थापक रानू वोहरा इस समिति के सदस्यों में शामिल हैं। विदेश में सूचीबद्घता के लिए इस नए ढांचे से भारतीय स्टार्टअप्स को अपनी पसंद के क्षेत्राधिकार में सूचीबद्घ होने में मदद मिल सकती है। ज्यादातर ई-कॉमर्स कंपनियां नैस्डैक में सूचीबद्घ होना पसंद करती हैं। नैस्डैक अमेरिका में टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए एक उपयुक्त प्लेटफॉर्म है, क्योंकि यह बेहतर मूल्यांकन दिलाता है।सेबी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है, 'पूंजी बाजारों के विकास और अंतरराष्टï्रीयकरण को देखते हुए भारतीय कंपनियों को देश से बाहर अपनी इक्विटी शेयर पूंजी को प्रत्यक्ष रूप से सूचीबद्घ कराने में मदद मुहैया कराना बेहद महत्वपूर्ण होगा। इस संबंध में इस मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने का निर्णय लिया गया।'प्रत्यक्ष रूप से वैश्विक सूचीबद्घता को सक्षम बनाने के लिए रूपरेखा पर कई वर्षों से काम हो रहा था। वर्ष 2014 में एमएस साहू के नेतृत्व में एक समिति ने वैश्विक सूचीबद्घता के लिए नियमों को आसान बनाने का सुझाव दिया था। हालांकि उस मुद्दे पर कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।
 
स्टार्टअप की सूचीबद्घता के लिए विशेषज्ञ समूह
 
सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा पेश इंस्टीट्ïयूशनल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (आईटीपी) की समीक्षा के लिए एक समिति का गठन किया है। वर्ष 2015 में पेश आईटीपी स्टार्टअप कंपनियों को पूंजी उगाही के बगैर सूचीबद्घ होने की अनुमति प्रदान करता है। इस प्लेटफॉर्म का मकसद ई-कॉमर्स और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में परिचालन कर रही नए जमाने की कंपनियों की राह आसान बनाना है। 
कीवर्ड sebi, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी),

  
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