दवा कंपनियों के मार्जिन पर अमेरिका का असर

सोहिनी दास | मुंबई Jun 12, 2018 09:37 PM IST

वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में दवा कंपनियों के मुनाफे पर दबाव रहा क्योंकि राजस्व में बढ़त की रफ्तार सुस्त रही, बावजूद इसके विश्लेषकों को उम्मीद है कि आगामी तिमाहियों में इनकी शोध व विकास लागत में इजाफा होगा। एडलवाइस के विश्लेषण से पता चलता है कि दवा कंपनियों का राजस्व चौथी तिमाही में 4 फीसदी बढ़ा जबकि मुनाफे में 15 फीसदी की गिरावट आई। अमेरिका में लगातार चार तिमाहियों में गिरावट के बाद तिमाही में साल दर साल के हिसाब से 4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई जबकि देसी राजस्व में 9 फीसदी की उछाल आई। प्रमुख कंपनियों में कैडिला हेल्थकेयर का परिचालन मार्जिन 20 फीसदी से ज्यादा रहा। सन फार्मा की स्यूटिकल्स का मुनाफा करीब एक साल में हालांकि बाजार के अनुमान को पीछे छोड़ते हुए पहली बार बढ़ा, जिसमें एकबारगी का कर लाभ व कच्चे माल की कम कीमत का योगदान रहा। अरविंदो, ग्लेनमार्क, सिप्ला, ल्यूपिन और डॉ. रेड्डीज ने सुस्त आंकड़े पेश किए।
 
एडलवाइस ने कहा कि तीन तरह की प्रवृत्ति उभरेगी। पहला, इस क्षेत्र का राजस्व दो अंकों में बढ़ेगा, जिसकी अगुआई अमेरिकी व देसी बाजार करेंगे। दूसरा, रुपये में 5 फीसदी की गिरावट से आय में अनुकूलता आएगी। तीसरा, सन फार्मा, डीआरएल और ल्यूपिन के नियामकीय मसलों का वित्त वर्ष में निदान होने की संभावना है। 
 
अमेरिकी दबाव
 
भारतीय दिग्गज दवा कंपनियों के लिए अमेरिका प्रमुख बाजार है। कैडिला हेल्थकेयर के राजस्व में इसकी हिस्सेदारी 50 फीसदी, अरविंदो की 43 फीसदी, सन फार्मा के राजस्व में 32 फीसदी और ग्लेनमार्क के राजस्व में 31 फीसदी हिस्सेदारी है। कैडिला व एलेंबिक फार्मा को छोड़ दें तो ज्यादातर अन्य कंपनियों ने अमेरिकी राजस्व में गिरावट दर्ज की है या इनका प्रदर्शन सुस्त रहा है। टॉरंट फार्मा ने 9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की जबकि अरविंदो व सिप्ला ने 6-6 फीसदी की उछाल देखी है।
सन फार्मा का राजस्व 7 फीसदी घटा। हालांकि तिमाही दर तिमाही के आधार पर इसने सुधार देखा, जो हलोल संयंत्र से आपूर्ति आंशिक बहाल होने और टारो की तरफ से नए उत्पाद पेश किए जाने के चलते 12 फीसदी बढ़ा।
 
देसी बढ़त
 
अमेरिकी अवरोध जारी है पर देसी बाजार की बिक्री सकारात्मक रही है और जीएसटी लागू होने के बाद सुधार दिखा रहा है। टॉरंट ने तिमाही के दौरान अपने भारतीय कारोबार में 48 फीसदी की उछाल देखी। वहीं, सिप्ला का कारोबार 13 फीसदी बढ़ा, कैडिला का 5 फीसदी, डीआरएल का 7.5 फीसदी, ग्लेनमार्क का 5.5 फीसदी और ल्यूपिन का 10 फीसदी बढ़ा।
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