महाराष्ट्र में गठबंधन पर सियासी हलचल

सुशील मिश्र | मुंबई Jun 12, 2018 09:45 PM IST

अगले साल आम चुनाव और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शिवसेना को साथ लाने की कवायद तेज कर दी है। भाजपा किसी भी हाल में शिवेसना के साथ गठबंधन करना चाहती है, वहीं शिवसेना अकेले चुनाव लडऩे की बात कहती रही है। विपक्षी दल भी शिवसेना को अपने पाले में करने में जुट गए हैं। ऐसे में शिवसेना ने 'देखो और इंतजार करो' की रणनीति  अपना ली है।  भाजपा और शिवसेना के रिश्तों में उतार-चढ़ाव पर राज्य में काफी हद तक राजनीतिक समीकरण टिका हुआ है। पिछले सप्ताह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ उनके निवास पर भेंट की थी। दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई इसकी जानकारी नहीं दी गई, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस मुलाकात का असर दिखने लगा है। कुछ दिन तक आगामी चुनाव अकेले लडऩे की घोषणा करने वाली शिवसेना अब देखो और इंतजार करो की बात करने लगी है। 
 
उद्धव ने मंगलवार को कहा, 'फिलहाल शिवसेना अपने निर्णय पर कायम है। पार्टी ने कोई निर्णय नहीं लिया है और ना ही किसी राजनीतिक दल ने कोई प्रस्ताव भेजा है। आने वाले समय में पार्टी, शिवसैनिकों और महाराष्ट्र का हित ध्यान में रखते हुए कोई निर्णय लेगी। माना जा रहा है कि शाह और उद्धव की मुलाकात में शिवसेना ने महाराष्ट्र में विधानसभा की 288 सीटों में 152 सीटों और मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी की मांग की। इस पर शाह ने थोड़ा समय मांगा और जल्द ही मुलाकात करने की बात कही। 
 
वर्ष 2019 के आम चुनाव में भाजपा के खिलाफ साझा मंच बनाने के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ आने की राकांपा प्रमुख शरद पवार की अपील के अगले दिन उद्धव ने कहा था कि वह इस पर विचार करेंगे। हालांकि सोमवार रात शिवसेना ने स्पष्टï कर दिया कि इन खबरों में कोई सच्च्चाई नहीं है। भाजपा नेता व राज्य के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार इन खबरों पर कहा कि भाजपा और शिवसेना समान विचारधारा वाले दल हैं, इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। 
कीवर्ड mumbai, shiv sena, BJP,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक