अब प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष ध्यान देगी केजरीवाल सरकार

बीएस संवाददाता | नई दिल्ली Feb 14, 2018 05:34 PM IST

केजरीवाल सरकार के 3 साल

► इसके लिए आगामी दिल्ली बजट में होंगे विशेष प्रावधान, मिलेगा कोष
बड़ी सड़कों की दोनों ओर मिट्टी पर उगाई जाएगी घास
►  रियल टाइम प्रदूषण बताने वाली खरीदी जाएंगी मशीनें
►  विपक्ष ने केजरीवाल सरकार को नाकाम सरकार करार दिया

केजरीवाल सरकार ने अपने तीन साल के कार्यकाल में शिक्षा, स्वास्थ्य पर जोर दिया है। अब सरकार दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान देने जा रही है। इसके लिए दिल्ली के अगले वित्त वर्ष के बजट में खास प्रावधान किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज तीन साल पूरे होने पर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए पिछली सरकारों से कई गुना ज्यादा काम करने का दावा किया। उधर, विपक्ष ने केजरीवाल सरकार को नाकाम सरकार करार दिया।

केजरीवाल ने कहा बीते तीन साल में सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य व परिवहन पर जोर दिया है। अब सरकार का प्रदूषण नियंत्रण पर खास ध्यान रहेगा। अब बड़े स्तर लैंड स्कैपिंग की योजना है। इसके लिए बजट में प्रावधान किए जाएंगे। इस योजना के तहत धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए 100 फुट से चौड़ी करीब 500 किलोमीटर सड़क के दोनों तरफ की मिट्टी पर घास व पेड़ उगाने के लिए बजट में प्रावधान होगा। बड़े स्तर पर पेड़ लगाने का अभियान भी चलेगा। पूरे साल प्रदूषण के अध्ययन के लिए एक अध्ययन कराया जाएगा। जिससे यह पता चल सके कि साल में किस समय और किस वजह से प्रदूषण ज्यादा फैलता है।

इसके साथ ही ऐसी मशीन खरीदने की योजना है कि जो रीयल टाइम यह बता सके कि किस वजह से प्रदूषण ज्यादा है। इसका पता चलते ही संबंधित गतिविधि बंद कर दी जाएगी। अगले दो साल में सभी कच्ची सड़कों और गलियों को पक्का किया जाएगा। पानी-सीवर लाइन आदि के लिए खोदी गई सड़कों का समय पर न बनना भी प्रदूषण का बड़ा कारण है। इसे रोकने के लिए यह नीति बनाई जा रही है कि जो एजेंसी सड़क खोदेगी, वहीं सड़क की मरम्मत भी करेगी। तभी ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा। यातायात समस्या से फैल रहे प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार 2000 नई बसें और 500 ई-बसें खरीदने जा रही है।

केजरीवाल ने अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि इस सरकार ने मुफ्त पानी, सस्ती बिजली का वादा निभाया। शिक्षा-स्वास्थ्य पर बजट को समर्पित करते हुए स्कूलों की हालत सुधारने के साथ 8000 नये क्लासरूम बनाये गए हैं और इतने ही निर्माणाधीन हैं। 1000 में से 164 मोहल्ला क्लीनिक बन चुके हैं और बाकी के लिए जगह चिन्हित कर ली गई है और इस साल के अंत तक इनके बनने की उम्मीद है। सरकार अपने अस्पतालों में मुफ्त दवा-जांच के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी जरूरत पर मुफ्त इलाज की सुविधा दे रही है। अगले महीने से 1.44 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना के तहत कैमरे लगने शुरू हो जाएंगे। सरकार जल्द ही मुफ्त वाई-फाई का वादा भी पूरा करेगी।

केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने दिल्ली की जनता के हितों वाले 15-16 विधेयकों को रोक रखा है और दावा किया केंद्र व उप राज्यपाल द्वारा तमाम अडंगे लगाने के बाद भी सरकार ने बहुत काम किया है। उधर, विपक्षी दलों को केजरीवाल को बड़ी-बड़ी बातें करने वाला बताया। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि वे सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, करते कुछ नहीं। उन्होंने मौजूदा सरकार को विज्ञापन की सरकार करार दिया।

दिल्‍ली भाजपा अध्‍यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने दिल्‍ली को 30 साल पीछे धकेल दिया है। उन्‍होंने कहा कि तीन साल पहले मुफ्त वाई-फाई, पीने का पानी और बिजली के दाम आधे करने, 15 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने, नए कॉलेज खोलने आदि जैसे झूठे वादों पर केजरीवाल की सरकार बनी थी। दिल्‍ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्‍ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार दिल्‍ली के  इतिहास में पहली ऐसी सरकार है जिसका कानून और संविधान में भरोसा नहीं है और यह सरकार तीन बरस के अपने कार्यकाल में हर मोर्चे पर असफल रही।

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