बाढ़ में अब तक 98 लोगों की मौत

बीएस संवाददाता | पटना Aug 17, 2017 09:55 PM IST

बिहार में विनाशकारी बाढ़ से अब तक 98 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, राज्य की करीब 10 फीसदी आबादी इस जल प्रलय से प्रभावित हुई है। बाढ़ की त्रासदी से निपटने के लिए राज्य सरकार अब कोसी आपदा में काम कर चुके अधिकारियों की सेवा लेगी। इसके अलावा, बाढ़ से जूझे रहे जिलों में सिविल सर्जनों को निजी डॉक्टरों की सेवा भी लेने का आदेश दिया गया है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के मुताबिक अररिया, किशनगंज और पूर्णिया जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। 
 
उन्होंने बताया, 'राज्य के 15 जिले में 93 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और पुलिस की टीमों ने अब तक करीब 3.60 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों में 635 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जिनमें 2.13 लाख लोगों ने शरण ले रखी है। वहीं, बाढ़ प्रभावित के लिए हम 1,112 सामुदायिक रसोई का संचालन भी कर रहे हैं। हम युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य कर रहे हैं। पानी निकलने में अभी थोड़ा वक्त लग सकता है, इसीलिए हमारा पूरा ध्यान अभी नुकसान  कम से कम स्तर पर रखने पर है। यह बाढ़ अचानक आई। हम सोच भी नहीं सकते थे कि तीन दिनों में इतनी ज्यादा बारिश होगी। इस वजह से बाढ़ प्रभावित जिलों की सभी नदियां उफान पर है।' 
 
इस बाढ़ की वजह से बिहार में अब तक 98 लोगों की मौत हो चुकी है। अररिया में सबसे अधिक 20 लोगों की मौत हुई है। वहीं, पूर्वी चंपारण में 14 जिंदगियां काल के गाल में समा गई हैं। पश्चिम चंपारण में 13, मधेपुरा में 12 लोगों की मौत हुई है।  अमृत के मुताबिक गुरुवार को सहरसा जिले में भी बाढ़ का पानी घुस गया। हालांकि, राज्य सरकार के मुताबिक कई इलाकों में पानी तेजी से कम भी हो रहा है। बाढ़ राहत के काम में राज्य सरकार ने अब कोसी आपदा के दौरान उल्लेखनीय काम कर चुके अधिकारियों की सेवा लेने का फैसला लिया है। 
 
प्रधान सचिव के मुताबिक इन अधिकारियों को मुख्य रूप से राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई का जिम्मेदारी दी जाएगी। दूसरी तरफ, राज्य सरकार ने बाढ़ प्रïभावित जिलों में सिविल सर्जनों को निजी डॉक्टरों की सेवा लेने का भी आदेश दिया है। इसके लिए जिला प्रशासन तय मानदेय के आधार पर भुगतान करेगा। वहीं, इस बाढ़ की वजह से राज्य के बुनियादी ढांचे पर बहुत बुरा असर हुआ है। बिहार में करीब 2,000 सड़कों पर कटाव की शिकायत आई है। हालांकि, राज्य सरकार के मुताबिक सुचारु  संचार के लिए अधिकतर मामलों में कटाव को तुरंत भर दिया गया है। वहीं, राज्य सरकार ने मवेशियों के लिए वृहत पैमाने पर टीकाकरण और चारे का इंतजाम करने का आदेश भी दिया है।
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