बिहार में क्षमता विस्तार में जुटी आईओसी

बीएस संवाददाता | पटना Aug 18, 2017 09:42 PM IST

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल (आईओसी) ने क्षमता विस्तार के लिए बिहार में बड़ा निवेश करने का फैसला लिया है। इसके तहत वह अपनी बरौनी स्थित रिफाइनरी की क्षमता में 50 फीसदी का इजाफा करेगी, वहीं मोतीहारी में 500 करोड़ रुपये के निवेश से एक ऑयल टर्मिनल का निर्माण भी कर रही है। इसके अलावा कंपनी ने अगले दो साल में बिहार को घरेलू गैस के इस्तेमाल के मामले में राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस बाबत लागत और समय बचाने के लिए कंपनी ने अपने सभी एलपीजी बॉटलिंग प्लांट को पाइपलाइन से जोडऩे की भी योजना बनाई है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक (बिहार-झारखंड) शैलेंद्र कुमार ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, 'हम बिहार में अपनी पहुंच बढ़ाने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं। इसके तहत कंपनी अपनी बरौनी रिफाइनरी की क्षमता मौजूदा 6 लाख टन से बढ़ाकर अगले 5 साल में 9 लाख टन करने की योजना है। क्षमता में विस्तार के बाद हमारी यह इकाई बिहार और झारखंड की एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों की मांग को 100 फीसदी पूरा कर सकेगी।' 
 
इसके साथ ही कंपनी ने एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की क्षमता बढ़ाने का भी फैसला किया है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक (ब्रांड) सुबोध डाकवाले ने बताया, 'हमने बिहार और झारखंड में अपने बुनियादी ढांचे के विकास पर 860 करोड़ रुपये का निवेश करने का फैसला लिया है। इसके तहत हम बिहार में मोतीहारी और झारखंड के खूंटी में दो नए तेल टर्मिनल का निर्माण कर रहे हैं, जिस पर क्रमश: 500 करोड़ रुपये और 196 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके अलावा, मुजफ्फरपुर, बोकारो और गिद्धा बॉटलिंग प्लांट के विस्तार पर 62 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। जसीडीह टर्मिनल के क्षमता विस्तार पर 30 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। आने वाले वक्त में कंपनी सभी टर्मिनल और बॉटलिंग प्लांट को पाइपलाइन से जोडऩे का निर्णय किया है।'
कीवर्ड bihar, बिहार, IOC,

  
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