टूटे तार : रद्द हुआ स्काईपावर से बिजली खरीदारी का करार

श्रेया जय और ज्योति मुकुल | नई दिल्ली Sep 06, 2017 10:49 PM IST

बिजली खरीद समझौता खत्‍म

भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण मध्य प्रदेश सरकार और दो सौर ऊर्जा कंपनियों के बीच विवाद पैदा हो गया है। राज्य सरकार ने कनाडा की स्काईपावर ग्लोबल की सभी परियोजनाओं के साथ बिजली खरीद समझौते रद्द कर दिए हैं। एक दूसरी कंपनी रिन्यू पावर के साथ भी ऐसा ही किया था लेकिन वह अदालत में जीत गई। इस घटनाक्रम से करीब से जुड़े लोगों ने बताया कि स्काईपावर ने भारत में अपना परिचालन बंद कर दिया है लेकिन उसने भी बिजली खरीद समझौता रद्द करने के मध्य प्रदेश सरकार के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। अगर वह भारत में अपना कारोबार समेटती है तो ऐसा करने वाली दूसरी विदेशी कंपनी होगी। इससे पहले सनएडीसन भारत से निकल चुकी है।

स्काईपावर को राज्य में तीन परियोजनाएं लगानी थी लेकिन कंपनी केवल दो के लिए ही भूमि अधिग्रहण कर पाई और वह भी 16 महीने की समयावधि खत्म होने के बाद। राज्य सरकार ने सभी परियोजनाओं को 11 अगस्त को रद्द कर दिया। मध्य प्रदेश बिजली प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (एमपीपीएमसीएल) ने स्काईपावर साउथ ईस्ट एशिया होल्डिंग्स 2 लिमिटेड स्काईपावर (ग्लोबल की मॉरीशस इकाई) और रिन्यू सोलर पावर प्राइवेट लिमिटेड के साथ बिजली खरीद समझौते किए थे। स्काईपावर की तीन इकाइयों से 50 मेगावाट और रिन्यू की एक इकाई से 51 मेगावाट बिजली खरीदी जानी थी।

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि दोनों कंपनियां निर्धारित समय के भीतर जमीन का अधिग्रहण नहीं कर पाईं जिससे एमपीपीएमसीएल बोर्ड ने 11 अगस्त को उन्हें समझौते रद्द करने का नोटिस थमा दिया। अधिकारी ने बताया कि दोनों कंपनियां समझौते की शर्तों को पूरा नहीं कर पाई, इसलिए यह फैसला किया गया। ऐसा नहीं है कि एमपीपीएमसीएल सौर ऊर्जा को नहीं खरीदना चाहती थी  या फिर टैरिफ कम करने के लिए उसका समझौते को लेकर दोबारा बातचीत करने का इरादा था।
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