छत्तीसगढ़ में गहराया बिजली संकट

आर कृष्णा दास | रायपुर Sep 11, 2017 09:59 PM IST

कोयले की आपूर्ति का संकट और बारिश में कमी की वजह से छत्तीसगढ़ में बिजली की किल्लत हो गई है जबकि इस सीजन में राज्य में मांग सर्वाधिक है। इस साल राज्य में कम  बारिश हुई है।राज्य में विकास के साथ बिजली की मांग भी बढ़ी है और किसान फसलों को बचाने के लिए पंपों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं घरेलू उपभोक्ता गर्मी से राहत के लिए बड़े पैमाने पर एयर कंडीशनर का सहारा ले रहे हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य बिजली उत्पादक कंपनी (सीएसपीजीसी) के अधिकारियों को बिजली स्टेशनों को पूरी क्षमता के साथ परिचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सीएसपीजीसी की स्थापित क्षमता 3434 मेगावॉट है। बिजली के उत्पादन में कमी
की अहम वजह कोयले की किल्लत बताई जा रही है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 3800 से 4000 मेगावॉट है। केंद्रीय पूल से 1100 मेगावॉट बिजली लेकर बिजली वितरण कंपनी किसी तरह मांग को पूरा कर रही है। राज्य में बिजली का संकट काफी गंभीर है और कंपनी इस स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव उपाय कर रही है। राज्य बिजली वितरण कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्रीय पूल से अधिक बिजली देने का अनुरोध भी किया है। 
सार्वजनिक क्षेत्र के बिजली संयंत्रों के सालाना रखरखाव कार्य को भी फिलहाल टाल दिया गया है। मॉनसून के दौरान बिजली की मांग अपेक्षाकृत कम रहने से हर साल इसी समय संयंत्रों के रखरखाव का कार्य किया जाता है।

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